MCD Result: मुस्लिम बहुल इलाकों में साख बचाने में कामयाब रही कांग्रेस, दो दर्जन से ज्यादा उतारे थे उम्मीदवार

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MCD Result: Delhi Congress Office

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– फोटो : Amar Ujala

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दिल्ली एमसीडी के चुनावी नतीजे आ गए हैं। 15 साल से दिल्ली के निगम पर काबिज भाजपा को हार सामना करना पड़ा है। दिल्ली के निगम पर अब आम आदमी पार्टी की पताका लहरा रही है। 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद आप की यह दूसरी बड़ी जीत है। हालांकि दिल्ली में भाजपा की चूक से ज्यादा कांग्रेस की करारी हार की चर्चा जोरों पर है। कांग्रेस का दिल्ली एमसीडी में यह अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है। कांग्रेस एमसीडी में उन्हीं सीटों पर जीत मिली, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। पार्टी ने इस बार दो दर्जन मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए थे।

कांग्रेस मजबूत करे अपना संगठन

दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली अमर उजाला से चर्चा में कहते हैं कि आज कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी को संगठन मजबूत करने के साथ साथ नए सिरे से तैयार होने की जरूरत है। सभी को एक साथ मिलकर मैदान में उतरना होगा तभी चुनावों में जीत हासिल हो पाएंगी। कांग्रेस को भाजपा और आप से लड़ने के लिए दोबारा से जमीन पर उतर कर काम करना होगा। आज लोग कांग्रेस की तरफ देखना चाहते हैं, लेकिन सबसे पहले हमें कांग्रेस को ठीक करना होगा।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली की राजनीति में करीब 12 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। 70 विधानसभा वाली दिल्ली में 8 विधानसभा और 250 में से 50 सीटों पर मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। शहर की बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर, दिलशाद गार्डन और किराड़ी मुस्लिम बहुल इलाके हैं। इन क्षेत्रों की पार्षद सीटों पर 40 से 90 फीसदी तक मुस्लिम मतदाता हैं। इसके अलावा त्रिलोकपुरी और सीमापुरी इलाके में भी मुस्लिम मतदाता अच्छी खासी संख्या में हैं।

सभी पार्टियों ने दिया था मुस्लिमों को टिकट

शहर के मुस्लिम बहुल अबू फजल का एक वार्ड, सीलमपुर इलाके की चौहान बांगर का एक वार्ड, कबीर नगर का एक वार्ड, शास्त्री नगर वार्ड से कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। एमसीडी के कुल 250 वार्डों में से कांग्रेस के 26 सीटों पर मुसलमान उम्मीदवार थे। जबकि आप ने दिल्ली के 13 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं, भाजपा ने दिल्ली की चार सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार पर भरोसा जताया है, चारों ही सीटों पर भाजपा ने पसमांदा समुदाय वालों को मौका दिया। भाजपा ने एमसीडी की जिन चार सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, उन्हीं सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम ने भी मुस्लिम प्रत्याशी उतारे। जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कुल 16 एमसीडी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 14 मुस्लिम और दो दलित समुदाय से थे। एमसीडी की 9 सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम के मुस्लिम नेताओं के बीच कड़ी टक्कर थी। जबकि भाजपा की तरफ से हिंदू समुदाय के नेता मैदान में थे। वहीं 13 सीटों पर कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार की आम आदमी पार्टी और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हिंदू समुदाय के नेताओं से टक्कर रही।

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दिल्ली एमसीडी के चुनावी नतीजे आ गए हैं। 15 साल से दिल्ली के निगम पर काबिज भाजपा को हार सामना करना पड़ा है। दिल्ली के निगम पर अब आम आदमी पार्टी की पताका लहरा रही है। 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद आप की यह दूसरी बड़ी जीत है। हालांकि दिल्ली में भाजपा की चूक से ज्यादा कांग्रेस की करारी हार की चर्चा जोरों पर है। कांग्रेस का दिल्ली एमसीडी में यह अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है। कांग्रेस एमसीडी में उन्हीं सीटों पर जीत मिली, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। पार्टी ने इस बार दो दर्जन मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए थे।

कांग्रेस मजबूत करे अपना संगठन

दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली अमर उजाला से चर्चा में कहते हैं कि आज कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी को संगठन मजबूत करने के साथ साथ नए सिरे से तैयार होने की जरूरत है। सभी को एक साथ मिलकर मैदान में उतरना होगा तभी चुनावों में जीत हासिल हो पाएंगी। कांग्रेस को भाजपा और आप से लड़ने के लिए दोबारा से जमीन पर उतर कर काम करना होगा। आज लोग कांग्रेस की तरफ देखना चाहते हैं, लेकिन सबसे पहले हमें कांग्रेस को ठीक करना होगा।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली की राजनीति में करीब 12 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। 70 विधानसभा वाली दिल्ली में 8 विधानसभा और 250 में से 50 सीटों पर मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। शहर की बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर, दिलशाद गार्डन और किराड़ी मुस्लिम बहुल इलाके हैं। इन क्षेत्रों की पार्षद सीटों पर 40 से 90 फीसदी तक मुस्लिम मतदाता हैं। इसके अलावा त्रिलोकपुरी और सीमापुरी इलाके में भी मुस्लिम मतदाता अच्छी खासी संख्या में हैं।

सभी पार्टियों ने दिया था मुस्लिमों को टिकट

शहर के मुस्लिम बहुल अबू फजल का एक वार्ड, सीलमपुर इलाके की चौहान बांगर का एक वार्ड, कबीर नगर का एक वार्ड, शास्त्री नगर वार्ड से कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। एमसीडी के कुल 250 वार्डों में से कांग्रेस के 26 सीटों पर मुसलमान उम्मीदवार थे। जबकि आप ने दिल्ली के 13 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं, भाजपा ने दिल्ली की चार सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार पर भरोसा जताया है, चारों ही सीटों पर भाजपा ने पसमांदा समुदाय वालों को मौका दिया। भाजपा ने एमसीडी की जिन चार सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, उन्हीं सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम ने भी मुस्लिम प्रत्याशी उतारे। जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कुल 16 एमसीडी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 14 मुस्लिम और दो दलित समुदाय से थे। एमसीडी की 9 सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम के मुस्लिम नेताओं के बीच कड़ी टक्कर थी। जबकि भाजपा की तरफ से हिंदू समुदाय के नेता मैदान में थे। वहीं 13 सीटों पर कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार की आम आदमी पार्टी और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हिंदू समुदाय के नेताओं से टक्कर रही।



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