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मधुमक्खी
– फोटो : honey bee
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परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खजूरी में मधुमक्खियां के झुंड द्वारा हमले का खतरा महसूस होने पर मधुमक्खियां मिलकर हमला करती हैं। हर डंक के साथ जहर की थैली भी काटने वाले शरीर में छोड़ देती हैं। समय पर उपचार न मिले तो बड़ी संख्या में मधुमक्खियों के डंक जान भी ले सकते हैं। परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खजूरी में जाहरवीर बाबा की पूजा करते समय मधुमक्खी के झुंड ने हमला कर 12 लोगों को घायल कर दिया था। महिला की मौत हो गई।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मधुमक्खी के डंक में फॉर्मिक एसिड होता है, उससे एनाफ्लेक्टिक रिएक्शन हो जाता है। यह जहर की तरह काम करता है। इससे अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। कई तरह के एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है और हमले के शिकार व्यक्ति की जान भी जान सकती है।
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