Moradabad: कोटा से गांव लाया गया छात्र जैद का शव, देखते ही परिजन हुए बेसुध.. गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक

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Moradabad: Dead body of student Zaid brought to village from Kota, cremated in a sad atmosphere

कोटा में जान गंवाने वाला छात्र मोहम्मद जैद
– फोटो : अमर उजाला

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कोटा में आत्महत्या करने वाले छात्र मोहम्मद जैद का शव बुधवार देर रात उसके गांव बिलावाला गांव में लाया गया है। मां बाप तो बेटे के शव को देखकर बेसुध से हो गए। बृहस्पतिवार सुबह गांव के ही कब्रिस्तान में छात्र के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। मोहम्मद जैद की मौत से उसके परिवार के साथ गांव वाले भी गमगीन हैं।

लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही बात है कि आखिर मोहम्मद जैद ने ऐसा कदम क्यों उठाया। भगतपुर के बिलावाला गांव निवासी किसान उस्मान मलिक का छोटा बेटा मोहम्मद जैद (19) दो साल से राजस्थान के कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र के न्यू गांधीनगर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था।

वह वहां कंचन हॉस्टल के कमरे में रहा था। मंगलवार की सुबह से देर शाम तक जैद अपने कमरे का दरवाजा नहीं खुला था। आसपास के छात्रों को आशंका हुई। इसके बाद मंगलवार रात में छात्रों ने हॉस्टल के कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा तो मोहम्मद जैद का शव फंदे से लटका था।

जैद को अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार की रात जानकारी मिलने के बाद जैद के परिजनों कोटा पहुंच गए थे। बुधवार देर रात करीब तीन बजे परिजन शव लेकर गांव आ गए थे।

इसके बाद गांव के साथ पड़ोस के गांव और रिश्तेदार भी बिलावाला में पहुंचे और उन्होंने परिजनों से मिलकर संवेदनाएं जताईं। बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे गांव के करीब कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

ग्रुप कॉलिंग में खुश नजर आ रहा था जैद

उस्मान मलिक का बड़ा बेटा आसिफ उर्फ राजा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। वहीं छोटा बेटा मोहम्मद जैद कोटा में रहकर नीट की कोचिंग कर रहा था। परिजन बड़ी उम्मीदों के साथ दोनों को पढ़ा रहे थे। जैद के उठाए गए आत्मघाती कदम से सभी आहत हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जैद की मौत ने उन्हें तोड़ कर रख दिया है। मोहम्मद जैद मां जेहरा व पिता उस्मान के साथ पूरे परिवार का लाडला था। परिजनों का कहना है कि वह कोचिंग से फ्री होकर परिजनों व रिश्तेदारों को वीडियो कॉल करता था।

उसने रविवार व सोमवार को भी परिजनों से बात की थी। जैद के फुफेरे भाई मोहम्मद अनस का कहना है कि सोमवार को ग्रुप कॉलिंग द्वारा की गई बातचीत के दौरान वह खुश था। बातचीत से उन्हें कुछ भी ऐसा महसूस नहीं हो रहा था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।

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