Moradabad: दो विभागों के अफसरों में अहम की लड़ाई.. तीसरे दिन भी सीवर लाइन की खोदाई ठप, अब डीएम तक पहुंचा विवाद

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Moradabad: Fighting between two departments...digging sewer line stalled, now dispute has reached DM

मुरादाबाद में रुका सीवर डालने का काम
– फोटो : अमर उजाला

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कांठ रोड पर सीवर खोदाई के लिए अनुमति को लेकर जल निगम और लोक निर्माण विभाग का विवाद डीएम कार्यालय तक पहुंच गया है। जल निगम सीवर लाइन बिछाने के लिए कांठ रोड पर खोदाई के लिए अड़ा है। वहीं लोनिवि ने नियमों का हवाला देते हुए काम रोक दिया। इसके चलते तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी सीवर खोदाई का काम बंद रहा।

डीएम ने कहा कि इस मामले में दोनों विभागों की स्थिति देखकर हल कराया जाएगा। कांठ रोड पर भटावली से पीएसी गेट तक पांच किमी तक सीवर की मुख्य लाइन डाली जानी है। छह दिन पहले जल निगम के माध्यम से कार्य कर रही संस्था केके स्पन ने भटावली से कॉसमॉस के बीच सड़क से सटाकर सीवर लाइन की खोदाई का काम शुरू किया था।

जिसे मंगलवार को लोनिवि ने नियमों का हवाला देते हुए रोक दिया था। जल निगम के अधिशासी अभियंता मोहित राय का कहना है कि उन्होंने सड़क काटने के लिए लोनिवि को सूचना दे दी थी। इधर लोनिवि के अभियंता का कहना है कि स्टेट हाईवे को काटने और बाधित करने से पहले अनुमति लेना जरूरी है। जल निगम ने पांच सड़कों का भुगतान अभी तक नहीं कराया है।

बगैर योजना दिए स्टेट हाई वे नहीं काटा जा सकता है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जल निगम काम करा सकता है, लेकिन सड़क की तोड़फोड़ मानक के अनुसार करेगा। साथ ही कंपनी सड़क की मरम्मत नियत समय में करेगी। इसकी कार्ययोजना जल निगम के अधिकारियों को लिखित तौर पर उपलब्ध कराना होगा।

इस कागजी दांवपेंच में जल निगम के अधिकारी फंस गए हैं। इस कारण कांठ रोड पर सीवर लाइन बिछाने का काम बंद है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जल निगम के अभियंता का फोन आज आया था। इस मामले में दोनों विभागों की स्थिति जानने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

दोनों विभागों के अधिकारियों की वार्ता से नहीं निकला निष्कर्ष

जल निगम का काम रोके जाने के बाद जल निगम और लोनिवि के अधिशासी अभियंताओं के बीच तीन दिनों में दो चक्र की वार्ता हुई लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। दोनों विभागों के अधिकारी शासनादेश का हवाला देते हुए अपना अपना तर्क दे रहे हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता का कहना है कि अब जिलाधिकारी ही इस मामले में निर्णय करेंगे।

जल निगम के कार्यों से लोग खफा

जल निगम के धीमी गति के कार्यों को लेकर राम गंगा विहार की जनता खफा है। लोगों का आरोप है कि जल निगम निर्धारित समय से कोई कार्य नहीं करता है। सड़कों को काटने और गड्ढा खोदने के बाद छोड़ देता है। दो माह पहले जनता सड़कों पर भी उतर गई थी। इस मामले में कई लोगों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा था। पिछले एक साल से राम गंगा विहार की जनता जल निगम का दिया दर्द झेल रही है।

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