Moradabad: मंडल के लकड़ी कारोबारियों का बड़ा नेटवर्क जीएसटी चोरी के घेरे में आया, विभाग को ऐसे लगा रहे थे चूना

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Moradabad: A large network of wood traders of the division came under the scanner of GST evasion

मुरादाबाद में राज्य कर की टीम का छापा
– फोटो : संवाद

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मुरादाबाद मंडल में लकड़ी कारोबारियों का एक बड़ा नेटवर्क राज्य कर विभाग के घेरे में आया है। मुरादाबाद, संभल और रामपुर के बाद अमरोहा के एक अन्य लकड़ी व्यवसायी ने जीएसटी चोरी का मामला प्रकाश में आने पर 20 लाख रुपये तत्काल जमा कर दिया है। राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड -1 आरए सेठ ने बताया कि मुरादाबाद से होकर मंडल की करीब 150 गाड़ियां हरियाणा, दिल्ली की तरफ जाती हैं।

ये बोगस फर्मों से खरीद करते हैं। व्यवसायी फर्जी ढंग से ईवे बिल देते हैं। ऐसे कारोबारी शून्य टैक्स भरते थे। इस मकड़जाल की जानकारी लेने के लिए राज्य कर विभाग की मोबाइल टीमों ने 150 गाड़ियों को हाईवे से पकड़कर माल जब्त किया। जांच के दौरान पकड़े गए वाहनों में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

गाड़ियों पर लदे माल के एवज में कारोबारियों ने एक करोड़ 10 लाख रुपये टैक्स भी जमा किया। इन वाहनों की जांच के दौरान मंडल के चार जिलों में जीएसटी चोरी के मामले प्रकाश में आए। एसआईबी के संयुक्त आयुक्त मोहित गुप्ता ने रामपुर जिले की दस फर्मों पर छापा मारा तो कारोबारियों ने एक करोड़ पांच लाख रुपये जमा किए।

मुरादाबाद के भोजपुर स्थित एक कारोबारी ने छह लाख और संभल के कारोबारियों ने पांच लाख रुपये जमा किए। इसी कड़ी में अमरोहा के एक लकड़ी कारोबारी ने बुधवार को 20 लाख रुपये जमा किया। यह व्यवसायी भी बोगस खरीद कर रहा था। पकड़े जाने पर उसने पैसे जमा किए।

अभी जांच प्रक्रिया जारी है। राज्य कर की टीमों ने जीएसटी चोरी के नेटवर्क को तोड़ा है। अब जांच कर कुछ लोगों के जीएसटी पंजीयन भी निरस्त किए जाएंगे।

 

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