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पुलिस छानबीन में जुटी थी कि रविवार सुबह गांव के ही एक बिटौड़े में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो बिटौड़े में एक शव जलता मिला। यह शव किसी और का नहीं बल्कि कुलदीप उर्फ दीपक का ही था। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर अधजले शव की पहचान कराई। बेटे की हत्या की जानकारी लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। आगे पढ़ें आखिर कैसे इस खौफनाक वारदात के निशां देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई।
मुजफ्फरनगर के शाहपुर के कुलदीप हत्याकांड में शक की सुई करीबियों पर घूम रही है। जिस प्रकार मोबाइल पर कॉल कर युवक को घर से बुलाया गया, उससे अंदेशा है कि वारदात में करीबी शामिल हो सकते हैं। मां ने कुलदीप को दावत पर बुलाने वाले युवक के खिलाफ शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
कुलदीप शुक्रवार को लापता हुआ था, जबकि उसका शव रविवार सुबह अधजली हालत में बरामद हुआ। आशंका है कि शनिवार की रात बिटौड़े में रखकर शव को जलाया गया। आरोपियों ने साजिश रची थी कि दिन निकलने से पहले ही शव जल जाएगा और किसी को वारदात की जानकारी भी नहीं होगी। मगर, खेत में जा रहे किसानों ने बिटौड़ा जलता देखा तो आग बुझाई। इसी दौरान शव बरामद हो गया।
उसकी मां बबीता ने मुकदमा लिखाया कि शव की पहचान करने के बाद उन्हें एक युवक ने बताया कि कुलदीप को गुलाब ने दावत पर बुलाया था। इसी के चलते शक के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
मौके से मिला सामान
पुलिस को घटनास्थल से एक चांदी का कड़ा, शर्ट के टुकड़े, मौके पर पड़े खून के निशान, दो बीयर के खाली टीन मिले है। इन सब को कब्जे में लिया गया है।
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