navratri में अखंड ज्योत जलाने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

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Navratri 2024 : नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र में देवी भगवती के नव रूप की पूजा की जाती है. नवरात्रि के दौरान लोग बड़े उत्साह के साथ देवी की पूजा करते हैं. इस पूजा में अखंड ज्योत जलाने की परंपरा है. अखंड ज्योत जलाने से मां भगवती प्रसन्न होती हैं. शक्ति की आराधना करने वाले भक्त अखंड ज्योत जलाकर देवी मां की पूजा करते हैं. अखंड ज्योत का अर्थ है जो कभी खंडित नहीं हो. अखंड ज्योत को कभी भी बुझना नहीं चाहिए. जब से मां भगवती की पूजा शुरू होती है तब यह ज्योत जलाई जाती है और पूरे नौ दिनों तक यह दीप लगातार जलता है.

Navratri में अखंड ज्योत जलाने का महत्व

पूजा में इस ज्योति को जलाने का विशेष महत्व है. जिस घर में अखंड ज्योत जलती है, वहां मनोकामनाएं पूरी होती हैं और बच्चे उन्नति करते हैं. लेकिन अखंड ज्योत जलाते समय इस बात का ध्यान रखना होता है कि यह ज्योति बुझनी नहीं चाहिए और उस स्थान पर किसी व्यक्ति की उपस्थिति जरूरी है. अखंड दीपक जलाते समय आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि दीपक की लौ किस दिशा में जल रही है.

  • यदि यह बायीं से दायीं ओर जल रही है तो आपके पास धन की कमी नहीं होगी. आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत रहेगी. यह सौभाग्य का सूचक है.
  • यदि दीपक की लौ सामान्य रूप से जल रही हो और लगातार जल रही हो तो आपको नौकरी में तरक्की मिलेगी, धन में वृद्धि होगी. अगर आप व्यापार कर रहे हैं तो उसमें खूब मुनाफा होगा.
  • यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर पूजा के दौरान अखंड ज्योत जलती हो. जहां अखंड ज्योति स्थिर अवस्था में जलती रहती है, वहां प्रचुर वर्षा होती है और वहां के लोग सुखी रहते हैं.

पारिवारिक जीवन में खुशहाली के लिए अखंड ज्योत जलाएं

परिवार में लोग परेशान हैं, कलह बढ़ गई है, शांति नहीं है. उस परिवार में लगातार एक वर्ष तक अखण्ड ज्योति जलाने से परिवार के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं. ऐसा करने से बना हुआ वास्तु दोष भी समाप्त हो जाएगा. साथ ही आपकी सेहत भी ठीक हो जाएगा. यदि परिवार में पूजा हो रही हो तो अखंड दीप के साथ कपूर जलाने से स्वास्थ्य ठीक रहता है. अगर आपको सांस संबंधी कोई बीमारी है तो वह जल्द ही ठीक हो जाती है.

अखंड दीप जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान

अखंड दीप जलाते समय दीपक में गाय के घी का प्रयोग करें. अखंड ज्योत की बाती को बार-बार न बदलें, इससे आपके परिवार में बीमारी बढ़ेगी. यदि बाती बदलने की आवश्यकता हो तो साधक ही बाती बदल सकता है, कोई और नहीं. उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अखंड ज्योत बुझना नहीं चाहिए.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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