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ध्यान मंत्र
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता. प्रसादं तनुते मद्मं चंद्रघण्टेति विश्रुता..
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता.नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:..
दूध, घी, दही और शहद से स्नान करवाएं
मां चंद्रघंटा की पूजा करने के बाद दूध, घी, दही और शहद से बने पंचामृत से मां की प्रतिमा को स्नान करवाएं. मां चंद्रघंटा के मंत्र का पाठ करें. इसके बाद मां के पैरों में रोली, अक्षत, पुष्प, हल्दी, चन्दन, वस्त्र और मिष्ठान चढ़ाएं मां से प्रार्थना करें कि वो इस भोग को ग्रहण करें. इसके बाद सबको प्रसाद बांटकर थोड़ा सा प्रसाद खुद के लिए भी रख लें.
भोग
मां को केसर की खीर और दूध से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए. पंचामृत, चीनी व मिश्री भी मां को अर्पित करनी चाहिए.
मां चंद्रघंटा की करें इन शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- 04:36 am से 05:24 am.
विजय मुहूर्त- 02:11 pm से 02:59 pm
गोधूलि मुहूर्त- 05:59 pm से 06:23 pm
अमृत काल- 09:12 pm से 10:47 pm
रवि योग- 05:52 am, सितम्बर 29 से 06:13 am, सितम्बर 29
मां चंद्रघंटा का स्त्रोत पाठ
आपदुध्दारिणी त्वंहि आद्या शक्ति: शुभपराम्.अणिमादि सिध्दिदात्री चंद्रघंटा प्रणमाभ्यम्.चन्द्रमुखी इष्ट दात्री इष्टं मन्त्र स्वरुपणीम्.धनदात्री, आनन्ददात्री चन्द्रघंटे प्रणमाभ्यहम्.नानारुपधारिणी इच्छानयी ऐश्वर्यदायनीम्. सौभाग्यारोग्यदायिनी चंद्रघंटप्रणमाभ्यहम्.
मां चंद्रघंटा का मंत्र
मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र ऐ श्रीं शक्तयै नम: का जाप करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है.इसके अलावा आप देवी के महामंत्र या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: का जाप भी कर सकते हैं.
मां चंद्रघंटा पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.फिर स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कें.मां चंद्रघंटा का ध्यान करें.उनके सामने दीपक प्रज्वलित करें.अब देवी को चावल, सिंदूर, फूल आदि चीजें अर्पित करें.इसके बाद मां चंद्रघंटा को फल और केसर-दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं.फिर आरती करें और माता से किसी भी गलती के लिए क्षमा याचना करें.
मां चंद्रघंटा का स्वरूप
धर्म शास्त्रों के अनुसार, मां चंद्रघंटा ने राक्षसों के संहार के लिए अवतार लिया था.इनमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों की शक्तियां समाहित हैं.ये अपने हाथों में तलवार, त्रिशूल, धनुष व गदा धारण करती हैं.इनके माथे पर घंटे के आकार में अर्द्ध चंद्र विराजमान है.इसलिए ये चंद्रघंटा कहलाती हैं.भक्तों के लिए माता का ये स्वरूप सौम्य और शांत है.
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