हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने की योजना में जिले के 384 गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 246 ग्राम पंचायतों के लिए धन आवंटन के बाद पीने का पानी पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। इनमें से 88 गांवों में नलकूप की बोरिंग का काम पूरा करा लिया गया है। इन गांवों में 280 किलोमीटर पाइप लाइन भी बिछाई जा चुकी है।
हालांकि पानी 15 अगस्त तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन करीब चार माह की देरी से दिसंबर तक केवल 14 गांवों में ही पानी पहुंचाया जा सका है। दूसरे चरण में अन्य गांवों तक पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।
जल जीवन मिशन योजना के पहले चरण में 384 ग्राम पंचायतों में से 246 ग्राम पंचायतों में काम शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। इन गांवों में काम शुरू हो चुका है। अभी तक करीब 14 गांवों में पीने का मीठा पानी उपलब्ध कराया जा चुका है। जनवरी तक करीब 50 गांवों के घरों में पानी पहुंचा दिया जाएगा। बाकी गांवों में दूसरे चरण में पानी पहुंचाने का काम किया जाएगा। -ओमवीर दीक्षित, अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण)
यह है सरकार की योजना
देश के लगभग 50 फीसद ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां अभी भी लोगों को पानी की समस्या होती है। उन क्षेत्रों में पीने के शुद्व पानी को पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन योजना शुरू की है। इसकी शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस पर की थी। इसमें 3.60 लाख करोड़ रुपये का बजट देने का प्रावधान किया गया है।
इसमें केंद्र व राज्य सरकार के स्तर से अलग-अलग बजट दिया जाएगा। बजट का दस फीसद ग्रामीणों को खुद वहन करना होगा। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के घरों में पीने के पानी के लिए पीने के पानी के लिए कनैक्शन लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 तक हरेक ग्राम पंचायत तक स्वच्छ जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
जल जीवन मिशन में चयनित ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी बनेंगी। पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जर्जर पाइप लाइन को दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पंचायती राज विभाग के अफसरों के मुताबिक जिले के करीब 200 गांवों में पानी खारा है या पीने योग्य नहीं है। इन गांवों की करीब 15 लाख की आबादी लंबे समय से अशुद्ध पानी पी रही है।
अब इस योजना से इन गांव के लोगों को शुद्ध पयेजल मिलने से राहत मिलेगी। अब तक जिलेभर में उत्तर प्रदेश जल निगम के पास पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी होती थी, लेकिन जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद विभाग को दो भागों में बांट दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण बनाया गया है। अधिशासी अभियंता से लेकर अन्य अफसरों की तैनाती की गई है। वह ग्राम पंचायतों का काम देखेंगे। वहीं, नगर पालिका, नगर पंचायत व नगर निगम में पेयजल से जुड़े कामों के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय बनाया गया है।
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हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने की योजना में जिले के 384 गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 246 ग्राम पंचायतों के लिए धन आवंटन के बाद पीने का पानी पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। इनमें से 88 गांवों में नलकूप की बोरिंग का काम पूरा करा लिया गया है। इन गांवों में 280 किलोमीटर पाइप लाइन भी बिछाई जा चुकी है।
हालांकि पानी 15 अगस्त तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन करीब चार माह की देरी से दिसंबर तक केवल 14 गांवों में ही पानी पहुंचाया जा सका है। दूसरे चरण में अन्य गांवों तक पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।
जल जीवन मिशन योजना के पहले चरण में 384 ग्राम पंचायतों में से 246 ग्राम पंचायतों में काम शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। इन गांवों में काम शुरू हो चुका है। अभी तक करीब 14 गांवों में पीने का मीठा पानी उपलब्ध कराया जा चुका है। जनवरी तक करीब 50 गांवों के घरों में पानी पहुंचा दिया जाएगा। बाकी गांवों में दूसरे चरण में पानी पहुंचाने का काम किया जाएगा। -ओमवीर दीक्षित, अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण)