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रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया ज्वालामुखी मंदिर।
– फोटो : संवाद
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नववर्ष के पहले दिन कांगड़ा जिले के तीनों शक्तिपीठों के कपाट रविवार सुबह पांच बजे खोल दिए जाएंगे। नववर्ष के दिन मंदिरों में श्रद्धालु काफी अधिक संख्या में दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए तीनों शक्तिपीठों में नववर्ष को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नववर्ष के लिए श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
मंदिर अधिकारी गिरिराज ठाकुर ने बताया कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर चामुंडा मंदिर व शिव मंदिर की साफ सफाई करने के बाद शुद्ध जल व गुलाब जल से धोया गया। पूर्व की भांति दोनों मंदिरों को फूलों गुब्बारों से सजाया गया। नववर्ष के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया शक्तिपीठ ज्वालामुखी
एसडीएम ज्वालामुखी एवं सहायक मंदिर आयुक्त मनोज ठाकुर ने बताया कि विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह के दर्शन कर सकेंगे। शनिवार रात को मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया गया है। मुख्य द्वार रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों की मदद ली जाएगीं। नववर्ष पर मंदिर में माता की चौकी का आयोजन किया जाएगा।
ब्रजेश्वरी मंदिर में नववर्ष पर माता को लगेगा पूरी चने का भोग
नव वर्ष में शक्तिपीठ बज्रेशवरी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की पुख्ता तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिर के कपाट सुबह साढ़े पांच बजे खुल जाएंगे। इसके बाद माता की आरती और पूरी चने का भोग लगाया जाएगा। युवा पुजारी सभा के प्रधान अनुपम शर्मा ने बताया कि नव वर्ष में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों के श्रद्धालु देवी दर्शनों के लिए आते हैं। बज्रेश्वरी मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है।
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