NGO Funding : दिल्ली की अदालत ने इरफान और खुर्रम को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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सांकेतिक तस्वीर

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दिल्ली की एक अदालत ने एनजीओ फंडिंग मामले में आरोपी खुर्रम परवेज और इरफान महाराज को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया। प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने एनआईए की ओर से दो अलग-अलग आवेदनों पर कथित मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और उनके करीबी सहयोगी” इरफान महराज की न्यायिक हिरासत में लेने की अनुमति दी। 

कोर्ट ने कहा, मैंने आरोपी व्यक्तियों के वकील को सुना है और दो आवेदनों में प्रकट किए गए तथ्यों और डिजिटल साक्ष्य के साथ टकराव के पहलू के अलावा उनकी गैरकानूनी गतिविधियों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री और अन्य लिंक का पता लगाने के लिए आवेदनों की अनुमति दी जाती है और दोनों आरो्पियों को एनआईए की पुलिस हिरासत में भेजा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी व्यक्तियों की रिमांड के दौरान प्रतिदिन चिकित्सकीय जांच की जाए और 1 अप्रैल को अदालत में पेश किया जाए।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एनजीओ टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर गठबंधन ऑफ सिविल सोसाइटी (जेकेसीसीएस) के कार्यक्रम समन्वयक खुर्रम परवेज को बुधवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। वह एआर सी 30 -2021 मामले में पहले से ही जेल में है। जबकि श्रीनगर निवासी इरफान महराज को एनआईए ने सोमवार को गिरफ्तार किया। यह अक्टूबर 2020 में दर्ज मामले में यह पहली गिरफ्तारी थी। एनआईए ने कहा कि महराज परवेज का करीबी सहयोगी था और उसके संगठन के साथ काम कर रहा था।

सोमवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ट्रांजिट रिमांड पर मेहराज को राष्ट्रीय राजधानी लाई। इसने आरोप लगाया कि जांच से पता चला है कि जेकेसीसीएस आतंकी गतिविधियों को वित्तपोषित कर रहा था और मानवाधिकारों की सुरक्षा की आड़ में घाटी में अलगाववादी एजेंडे का प्रचार कर रहा था। एनआईए कश्मीर स्थित कुछ गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्टों और समाजों की आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों के वित्तपोषण में शामिल होने की जांच कर रही है। इसमें कहा गया है कि कुछ एनजीओ, दोनों पंजीकृत और अपंजीकृत, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा सहित दान और विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों की आड़ में देश और विदेश में धन एकत्र कर रहे हैं।

लश्कर व हिजबुल से है सांठगांठ

एनआईए ने कहा, इनमें से कुछ संगठनों ने लश्कर-ए-ताइबा और और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध विकसित किए हैं। परवेज नवंबर 2021 में एनआईए द्वारा अपनी गिरफ्तारी के बाद से देश विरोधी गतिविधियों के लिए जेल में है। उस पर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों की तैनाती और आवाजाही के बारे में जानकारी एकत्र करने, गुप्त आधिकारिक दस्तावेजों की खरीदी और एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों के माध्यम से अपने लश्कर संचालकों को भेजने के आरोप शामिल हैं। खुर्रण को पिछले साल 13 मई को छह अन्य लोगों के साथ चार्जशीट किया गया था।

किरण पटेल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

कश्मीर घाटी में फर्जी पीएमओ अफसर बनकर वीवीआईपी प्रोटोकॉल लेने में गिरफ्तार किरण पटेल की जमानत याचिका पर बुधवार को स्थानीय अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब अदालत वीरवार को इस पर अपना फैसला सुनाएगी। ब्यूरो

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