[ad_1]

चुनाव परिणाम के बाद जश्न मनाते सपा कार्यकर्ता
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने गहरे सबक दिए हैं। कई दिग्गजों को धराशाई कर दिया तो नए चेहरों को बुलंदियों पर पहुंचा दिया। सत्ताधारी दल के लिए भी यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है। भाजपा को सोनभद्र जिले की पांच सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इनमें से चार सीटें राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड के विधानसभा क्षेत्र की हैं, जबकि एक घोरावल की है। यह वह इलाके हैं, जहां एक वर्ष पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। महज एक साल में ही इस परिणाम पर पार्टी में मंथन शुरू हो गया है।
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की चारों सीटों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप किया था। इसमें से घोरावल और ओबरा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को बड़ी जीत मिली थी, जबकि राबर्ट्सगंज और दुद्धी सीट पर अंतिम राउंड तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले के बाद भाजपा ने जीत हासिल की थी।
निकाय चुनाव का परिणाम इससे ठीक उलट आया है। राबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र में निकाय की दो सीटें हैं। नगर पालिका सोनभद्र से भाजपा ने अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी को 15 हजार से अधिक मत मिले, वहीं निकटतम प्रतिद्वंद्वी रही प्रत्याशी 8 हजार वोटों तक सिमट गईं।
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में BJP की ऐतिहासिक जीत के पांच कारण, सपा के लिए टेंशन की बात
[ad_2]
Source link