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भाजपा की चुनावी तैयारियां
लोकसभा चुनाव से पहले कुनबा मजबूत करने में जुटी भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल में नजदीकियों की चर्चा जोरों पर है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत संभाल रहे उनके जयंत चौधरी से गठबंधन कर भाजपा उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के जाट वोटरों को रिझाने की फिराक में है।
जाटों के सर्वमान्य नेता रहे चौधरी चरण सिंह और उनके बेटे चौधरी अजित सिंह के कारण समाज का बड़ा तबका खुले दिल से जयंत का समर्थन करता है।
भाजपा में असमंजस भी
आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए यूपी सहित चार राज्यों में जाट समुदाय को साधना बड़ी चुनौती है। पार्टी के पास जाट समाज में ऐसा कोई बड़ा चेहरा नहीं हैं, जिसकी पूरे देश में जाट नेता के रूप स्वीकार्यता हो। ऐसे में जयंत उनके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
लिहाजा पार्टी के शीर्ष नेताओं में एक गुट जयंत से गठबंधन करने की पैरवी कर रहा है। वहीं, भाजपा में ही एक बड़ा गुट जयंत को शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं। उसका मानना है कि रालोद से गठबंधन का ज्यादा फायदा नहीं होगा, बल्कि पार्टी को अपनी जीती हुई सीटें गठबंधन में उन्हें देनी पड़ेंगी।
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