[ad_1]
वहीं, जब कैमरा अंदर भेजकर मजदूरों से संवाद किया गया तो हो नहीं पाया, लेकिन साफ देखा जा सकता है कि टीम की आवाज सुनकर दसवें दिन श्रमिकों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। अब उनमें भी उम्मीद जग गई है कि उन्हें जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा।
राज्य से लेकर केंद्र तक के कई संगठन एक साथ रेस्क्यू में जुट गए हैं। सोमवार को मजदूरों की स्थिति देखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, पर अंदर धूल होने से तस्वीरें साफ नहीं आ पाईं थीं।
सोमवार देर शाम टीम ने छह इंच का दूसरा फूड पाइप मजदूरों तक पहुंचा दिया। देर शाम इसी पाइप से उन्हें खाने के लिए खिचड़ी और मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जर भेजे गए थे।
आज एसजेवीएन की ड्रिल मशीन सुरंग के ऊपर पहुंचेगी, 24 घंटे में इंस्टॉल होगी। आरवीएनएल की ड्रिल मशीन भी सुरंग के ऊपर जाएगी। रोबोट को चलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मजदूरों तक पहुंच और आसान हो।
उधर, अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स का कहना है कि बचाव के लिए अभी तक जो भी प्रयास किए गए हैं, वे सकारात्मक हैं। जल्द ही सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
[ad_2]
Source link