Paonta Sahib Assembly Seat: पांवटा साहिब में कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर, चुनाव मैदान में 9 प्रत्याशी

[ad_1]

किरनेश जंग, सुखराम चौधरी, मनीष ठाकुर।

किरनेश जंग, सुखराम चौधरी, मनीष ठाकुर।
– फोटो : संवाद

ख़बर सुनें

पांवटा साहिब सीट पर इस बार नौ प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां से भाजपा से सुखराम चौधरी, कांग्रेस के टिकट पर किरनेश जंग, आजाद प्रत्याशी रोशन लाल शास्त्री, मनीष तोमर, सुनील चौधरी और रामेश्वर शर्मा के अलावा बसपा से सीमा देवी, आम आदमी पार्टी से मनीष ठाकुर व राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी  से अश्वनी वर्मा मैदान में हैं। पिछले दो दशकों से पांवटा साहिब विधानसभा सीट पर भाजपा का अधिकतर कब्जा रहा है। केवल 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी किरनेश जंग ने जीत दर्ज कर सीट कब्जाई थी, जो इस बार पांवटा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। कुल नौ प्रत्याशियों के चुनावी जंग में उतरने से दोनों प्रमुख दलों को काफी पसीना इस बार बहाना पड़ा है। फिर भी प्रमुख मुकाबला कांग्रेस-भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। 

यहां क्लिक कर देखें अपने चुनाव क्षेत्र के अपडेट

हालांकि, निर्दलीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर भी बहुत कुछ निर्भर रहेगा। पिछले दो दशक से भाजपा के प्रत्याशी सुखराम चौधरी का पांवटा सीट पर दबदबा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशियों की आपसी फूट से हार मिलती रही है। 2012 के उपचुनाव में महज एक बार ही निर्दलीय चौधरी किरनेश जंग ने 790 मतों से भाजपा प्रत्याशी सुखराम चौधरी को हरा कर सीट पर कब्जा किया था। 

2017 में सुखराम चौधरी ने फिर इस सीट पर कब्जा किया। इसके बाद प्रदेश सरकार में कैबिनेट में शामिल होकर ऊर्जा मंत्री पद मिला। इस बार कांग्रेस ने फिर चौधरी किरनेश जंग पर दांव खेला है। इस बार कांग्रेस से ज्यादा भाजपा में फूट नजर आई। तीन-तीन प्रत्याशियों ने निर्दलीय मैदान में उतर कर भाजपा की राह कठिन की है। कांग्रेस को भी इन तीनों ही निर्दलीयों के ज्यादा वोट खींचने पर भाजपा वोट बैंक को क्षति होने की संभावनाएं हैं। 

वहीं, प्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेश पूर्व अध्यक्ष रहे मनीष ठाकुर ने इस बार कांग्रेस पार्टी को छोड़ कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा। आप के टिकट पर पांवटा से विस चुनाव में कूदे हैं। पूर्व युकां प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव लड़ने से कांग्रेस को क्षति होने की उम्मीद रही है। लिहाजा, इस बार मुकाबला और भी ज्यादा नजदीकी व संघर्षपूर्ण हो चला है।   

76.88 प्रतिशत हुआ मतदान
पांवटा विधानसभा में इस बार कुल 84872 
में से पुरुषों के 44027 और महिलाओं के 40844 व थर्ड जेंडर का मत था, जिसमें से इस बार कुल 65249 मत गिरे। पुरुष वर्ग के 34092 और महिलाओं के 31156 व एक थर्ड जेंडर मतदान किया। यहां कुल मतदान 76.88 फीसदी रहा है। जिसमें पुरुषों के 77.43 और महिलाओं के 76.28 फीसदी मत पड़े। पोस्टल बैलेट आना पर आंशिक रूप से मतदान प्रतिशतता में बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।

अपनी पसंद की सीट को फॉलो करके पाएं हर अपडेट 
अगर आप किसी सीट विशेष के नतीजे में ही दिलचस्पी रखते हैं तो आप उससे जुड़ा अपडेट भी अमर उजाला App और amarujala.com पर पा सकते हैं। इसके लिए आपको उस सीट को फॉलो करना होगा। इसका तरीका बेहद आसान है। आप हमारे App या वेबसाइट के चुनाव पेज पर जाकर चुनाव क्षेत्र चुनें और उसे फॉलो कर लें। चुनाव क्षेत्र फॉलो करते ही आपको उससे जुड़े हर अपडेट नोटिफिकेशन के जरिए मिलते रहेंगे। अपने क्षेत्र को फॉलो करने के लिए इस पेज पर विजिट करें।

विस्तार

पांवटा साहिब सीट पर इस बार नौ प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां से भाजपा से सुखराम चौधरी, कांग्रेस के टिकट पर किरनेश जंग, आजाद प्रत्याशी रोशन लाल शास्त्री, मनीष तोमर, सुनील चौधरी और रामेश्वर शर्मा के अलावा बसपा से सीमा देवी, आम आदमी पार्टी से मनीष ठाकुर व राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी  से अश्वनी वर्मा मैदान में हैं। पिछले दो दशकों से पांवटा साहिब विधानसभा सीट पर भाजपा का अधिकतर कब्जा रहा है। केवल 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी किरनेश जंग ने जीत दर्ज कर सीट कब्जाई थी, जो इस बार पांवटा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। कुल नौ प्रत्याशियों के चुनावी जंग में उतरने से दोनों प्रमुख दलों को काफी पसीना इस बार बहाना पड़ा है। फिर भी प्रमुख मुकाबला कांग्रेस-भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। 

यहां क्लिक कर देखें अपने चुनाव क्षेत्र के अपडेट

हालांकि, निर्दलीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर भी बहुत कुछ निर्भर रहेगा। पिछले दो दशक से भाजपा के प्रत्याशी सुखराम चौधरी का पांवटा सीट पर दबदबा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशियों की आपसी फूट से हार मिलती रही है। 2012 के उपचुनाव में महज एक बार ही निर्दलीय चौधरी किरनेश जंग ने 790 मतों से भाजपा प्रत्याशी सुखराम चौधरी को हरा कर सीट पर कब्जा किया था। 

2017 में सुखराम चौधरी ने फिर इस सीट पर कब्जा किया। इसके बाद प्रदेश सरकार में कैबिनेट में शामिल होकर ऊर्जा मंत्री पद मिला। इस बार कांग्रेस ने फिर चौधरी किरनेश जंग पर दांव खेला है। इस बार कांग्रेस से ज्यादा भाजपा में फूट नजर आई। तीन-तीन प्रत्याशियों ने निर्दलीय मैदान में उतर कर भाजपा की राह कठिन की है। कांग्रेस को भी इन तीनों ही निर्दलीयों के ज्यादा वोट खींचने पर भाजपा वोट बैंक को क्षति होने की संभावनाएं हैं। 

वहीं, प्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेश पूर्व अध्यक्ष रहे मनीष ठाकुर ने इस बार कांग्रेस पार्टी को छोड़ कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा। आप के टिकट पर पांवटा से विस चुनाव में कूदे हैं। पूर्व युकां प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव लड़ने से कांग्रेस को क्षति होने की उम्मीद रही है। लिहाजा, इस बार मुकाबला और भी ज्यादा नजदीकी व संघर्षपूर्ण हो चला है।   

76.88 प्रतिशत हुआ मतदान

पांवटा विधानसभा में इस बार कुल 84872 

में से पुरुषों के 44027 और महिलाओं के 40844 व थर्ड जेंडर का मत था, जिसमें से इस बार कुल 65249 मत गिरे। पुरुष वर्ग के 34092 और महिलाओं के 31156 व एक थर्ड जेंडर मतदान किया। यहां कुल मतदान 76.88 फीसदी रहा है। जिसमें पुरुषों के 77.43 और महिलाओं के 76.28 फीसदी मत पड़े। पोस्टल बैलेट आना पर आंशिक रूप से मतदान प्रतिशतता में बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।

अपनी पसंद की सीट को फॉलो करके पाएं हर अपडेट 

अगर आप किसी सीट विशेष के नतीजे में ही दिलचस्पी रखते हैं तो आप उससे जुड़ा अपडेट भी अमर उजाला App और amarujala.com पर पा सकते हैं। इसके लिए आपको उस सीट को फॉलो करना होगा। इसका तरीका बेहद आसान है। आप हमारे App या वेबसाइट के चुनाव पेज पर जाकर चुनाव क्षेत्र चुनें और उसे फॉलो कर लें। चुनाव क्षेत्र फॉलो करते ही आपको उससे जुड़े हर अपडेट नोटिफिकेशन के जरिए मिलते रहेंगे। अपने क्षेत्र को फॉलो करने के लिए इस पेज पर विजिट करें।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *