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हिमाचल प्रदेश में जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी (जेओए आईटी) पोस्ट कोड 965 का पेपर लीक हो गया है। इन पदों की भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन आयोग की ओर से की जा रही है। पेपर लीक होने के बाद कर्मचारी चयन आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी है। विजिलेंस ने कर्मचारी चयन आयोग की वरिष्ठ अधीक्षक को प्रश्नपत्र बेचने के लिए 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। जेओए आईटी की इस परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 476 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। 1,03,344 अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए गए थे। कर्मचारी चयन आयोग ने मई 2022 में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी के 198 पदों के लिए आवदेन मांगे थे। अक्तूबर 2022 में 121 पद और जोड़े गए। अब यह भर्ती कुल 319 पद भरने के लिए आयोजित की जा रही थी। लेकिन यह पहली बार नहीं जब हिमाचल में किसी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ हो। इससे पहले भी कई बार पेपर लीक हो चुके हैं जोकि सभी के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, कर्मचारी चयन आयोग का प्रश्नपत्र पहली बार लीक हुआ है। जानिए, हिमाचल में कब-कब लीक हुए भर्ती व अन्य परीक्षाओं के पेपर…
2019 में रद्द हो गई थी पुलिस भर्ती
पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में अगस्त 2019 को आयोजित हुई पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान परौर सत्संग भवन में बने परीक्षा केंद्र में चार युवक दूसरे का पेपर देते रंगे हाथ पकड़े गए थे, जबकि दो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से परीक्षा देते धरे गए। बाद में परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। 11 अगस्त को पुरुष व महिला पुलिस कांस्टेबलों के 1063 पदों के लिए प्रदेश भर में लिखित परीक्षा ली गई थी। बिक्रम की तलाश में कांगड़ा पुलिस ने जिला कांगड़ा सहित उसके अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी थी, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो रहा था। पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में नकल करने, नकल करवाने और मुख्य आरोपी को भगाने में मदद करने वालों सहित 34 लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में कोर्ट में चालान पेश कर उन पर मुकदमा चलाया गया, जिनमें से अब लगभग सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
2022 में पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर फिर हुआ लीक
इसके बाद हिमाचल पुलिस कांस्टेबल के पदों 1334 पदों के लिए 27 मार्च 2022 को परीक्षा हुई थी। 6 मई को यह परीक्षा विवादों के बाद रद्द हो गई। पुलिस और सीआईडी ने मामले दर्ज किए तो 31 मई को पांच आरोपियों की पहली बार गिरफ्तारियां हुईं। अब तक 181 लोगों के खिलाफ कांगड़ा, शिमला और मंडी में तीन चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं। पुलिस भर्ती के तार राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि तक जुडे़ हैं। नेपाल सीमा से भी एक आरोपी को पकड़कर लाया गया। हिमाचल में तो सभी जिलों में इसके तार जुडे़ रहे। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छह माह बाद दो एफआईआर दर्ज की हैं। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ये दोनों एफआईआर चंडीगढ़ ब्रांच में पंजीकृत की थीं।
एचपीयू की यूजी प्रश्नपत्र के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही खुल गए थे
एचपीयू की 7 अप्रैल 2022 को होने वाली यूजी की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र 4 अप्रैल को ही खोल दिए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश विश्वविद्यालय के यूजी प्रथम और द्वितीय वर्ष के प्रश्नपत्र प्रदेश के 22 कॉलेजों में लीक हुए थे। इनमें कुछ कॉलेजों में प्रश्नपत्र गायब पाए गए, जबकि कुछ में इन्हें खोल दिया गया या फिर नष्ट कर दिया गया था। इसका खुलासा कुलपति प्रो. एसपी बंसल की ओर से मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है। बाद में परीक्षा रद्द कर दोबारा करवाई गई।
पांचवीं कक्षा के हिंदी विषय का पेपर भी हुआ था लीक
शिक्षा बोर्ड की पांचवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा का प्रश्न पत्र 2020 में एक दिन पहले ही लीक हो गया था। हिंदी का पेपर 18 मार्च को होना था, लेकिन निजी स्कूल ने 17 मार्च को छ्ट्टी के ही दिन पेपर करवा दिया। जब इसकी जानकारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को लगी तो निदेशालय ने हिंदी का पेपर पूरे प्रदेश में रद्द कर दिया।
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