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paragliding in Jammu
– फोटो : संवाद
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जम्मू को पैराग्लाइडिंग हब बनाने की तैयारी है। साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कुछ माह पहले एंथम में ट्रायल पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू की गई थीं, लेकिन स्थानीय प्रशिक्षित पैराग्लाइडर नहीं मिलने से इसको नियमित तौर पर जारी नहीं रखा जा सका।
इसके बाद हिमाचल प्रदेश के पैराग्लाइडरों को लाकर गतिविधियां शुरू की गईं, लेकिन यह प्रक्रिया महंगी रही। अब पर्यटन निदेशालय जम्मू के 22 युवाओं को अरुणाचल प्रदेश में कंबाइंड पैराग्लाइडिंग कोर्स के लिए भेज रहा है।
पैराग्लाइडिंग के लिए जम्मू के एंथम और पौनी (रियासी) के दनवा क्षेत्र को चिह्नित किया गया है। यहां पहुंचकर पर्यटक पैराग्लाइडिंग के जरिये हवा से बातें करेंगे। जम्मू संभाग में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को जारी रखने में सबसे बड़ी कमी प्रशिक्षित लोगों की खल रही है।
संभाग में प्रशिक्षित पैराग्लाइडर नहीं हैं, जिससे पड़ोसी राज्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पर्यटन निदेशालय ने कंबाइंड पैराग्लाइडिंग कोर्स के लिए संभाग स्तर के युवाओं से आवेदन मांगे थे। पहले चरण में 22 युवाओं को दिरांग, चुग वैली और सिपा (अरुणाचल प्रदेश) में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। योजना के तहत पहले बैच को कंबाइंड पैराग्लाइडिंग कोर्स (पी1, पी2 और पी3) के लिए 16 अक्तूबर से 2 नवंबर 2023 और दूसरे बैच को 21 फरवरी से नौ मार्च, 2024 तक भेजा जाएगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एलाइड स्पोर्ट्स (निमास) के तहत अरुणाचल प्रदेश में भेजे जाने वाले युवाओं को उपकरण, ठहरने, खाना, यातायात की सुविधा दी जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को पैराग्लाइडिंग पायलट के तौर पर प्रशिक्षित करना है, ताकि संभाग में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कोशिश है कि इसी साल से कुछ स्थानों पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को शुरू किया जाए। – सुनैना मेहता, संयुक्त निदेशक, पर्यटन विभाग।
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