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पटना मेट्रो के कर्मचारी।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटना के PMCH के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन होने से ख़ास कर इलाज कराने के लिए अआने वाले लोगों के लिए कारगर सिद्ध होगा। इसके अलावे गांधी मैदान से लेकर NIT मोड़ तक लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी।
निर्बाध कनेक्टिविटी के साथ साथ जाम से भी मिलेगी राहत
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का प्रस्तावित पटना मेडिकल कॉलेज भूमिगत मेट्रो स्टेशन न केवल पीएमसीएच और पटना मार्केट क्षेत्र को मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़ेगा बल्कि इस स्टेशन से शुरू से सड़क पर वाहनों की संख्या में भी कमी आएगी। गांधी मैदान से लेकर एनआईटी मोड़ तक लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी। यह भूमिगत मेट्रो स्टेशन राज्य भर से पीएमसीएच में इलाज के लिए आने वाले लोगों के लिए जीवन रेखा के रूप में काम करेगा और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
जाम से मिलेगी राहत
अशोक राजपथ का इलाका प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों, सरकारी अस्पतालों, बाजार परिसर और कॉलेजों का केंद्र है और शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले एवं व्यस्ततम स्थानों में से एक कहा जाता है। यह भूमिगत मेट्रो स्टेशन यातायात की भीड़ को कम करने के साथ साथ जाम से भी राहत देने का काम करेगा। पीएमसीएच परिसर के अंदर दो प्रवेश या निकास द्वार होंगे, जहां वर्तमान में पीएमसीएच के विकास का कार्य चल रहा है।
यह होंगी व्यवस्थाएं
स्टेशन पर दो प्रवेश द्वार और निकास द्वार होंगे। पहले प्रवेश द्वार जिसमें सीढ़ियाँ, एस्केलेटर, लिफ्ट की सुविधाएँ होंगी उसे लोगों की सुविधा के लिए पीएमसीएच अस्पताल में रखा गया है। जबकि दूसरे द्वार को पटना मार्केट के अंदर रखा गया है।
यहां जाना होगा आसान
पीएमसीएच अस्पताल परिसर के नीचे से गुजरने वाली प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन लगभग 227 मीटर लंबी और जमीन से 16.50 मीटर नीचे होगा। दो तल वाला यह मेट्रो स्टेशन कुछ प्रमुख संस्थानों, मार्केट हब, पीएमसीएच, दरभंगा हाउस (पीएमसीएच के उत्तर), बी.एन. जैसे चिकित्सा संस्थानों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। कॉलेज, पटना डेंटल कॉलेज, अंजुमन इस्लामिया हॉल, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान, दवा बाजार, चिकित्सा दुकानें, कैथोलिक चर्च, सिविल कोर्ट, बांकीपुर डाकघर, पीरबहोर थाना, प्रमुख बाजार; गोविंदा मित्रा रोड, पटना बाजार, हथुवा बाजार और पटना विश्वविद्यालय, साइंस कॉलेज आदि के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़ेगा।
दो तल्ले वाला होगा भूमिगत मेट्रो स्टेशन
दो तल्ले वाले स्टेशन का -1 लेवल पर कॉनकोर्स होगा। कॉनकोर्स लेवल पर यात्री-केंद्रित सुविधाएं जैसे टिकट काउंटर, सार्वजनिक सुविधा जैसे शौचालय, सुरक्षा जांच आदि होंगी और प्लेटफॉर्म -2 लेवल पर होगा। ये सभी तल एक-दूसरे से जुड़े होंगे।
यात्रियों के लिए होगी सुविधाएं
स्टेशन में सार्वजनिक उपयोग के लिए एक लिफ्ट के साथ-साथ स्टेशन के दोनों छोर तक जाने के लिए दो सीढियाँ /एस्केलेटर दी गई हैं। दिव्यांग व्यक्तियों की सहायता के लिए अतिरिक्त यात्री केंद्रित सुविधाएं जैसे सड़क स्तर पर स्टेशन के प्रवेश द्वार से लेकर अंत प्लेटफार्म स्तर तक स्पर्शनीय टाइलों (ब्रेल) का प्रावधान किया जायेगा। ट्रेन के प्रवेश द्वार और मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म एक ही स्तर पर होंगे। ढलान के साथ प्रवेश रैंप मानदंडों के अनुसार, उचित साइनेज, लिफ्ट के अंदर ब्रेल प्रणाली आदि की सुविधा दी जाएगी जिससे दिव्यांगजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
आपातकालीन स्थितियों के लिए व्यवस्था
किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्टेशन पर तीन फायर एस्केप का प्रस्ताव है, जिनमें से एक स्टेशन परिसर से बाहर निकलने के लिए प्लेटफॉर्म और कॉन्कोर्स को सीधे जोड़ता है। हालांकि अन्य दो फायर एस्केप (सीढ़ियों) का उपयोग करके यात्रियों को प्लेटफॉर्म से कॉन्कोर्स तक निकाला जाएगा। वहां से स्टेशन परिसर से बाहर निकलने के लिए दो प्रवेश/निकास में से कोई भी लिया जा सकता है। आपातकालीन स्थितियों में स्टेशन परिसर में प्रवेश करने के लिए अग्निशामकों के लिए एक अलग से फायरमैन सीढ़ी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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