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पेपर लीक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
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पटवारी-लेखपाल परीक्षा के पेपर लीक के आरोपी अनुभाग अधिकारी और उसके साथियों की संपत्तियों की जांच भी शुरू हो गई है। सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। पुलिस एक्ट के तहत इनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। इसके लिए तीन टीमों को अलग-अलग स्थानों पर प्रशासन के साथ आकलन में लगाया गया है।
बता दें कि 12 जनवरी को पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी और उसकी पत्नी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच हरिद्वार में बनाई गई एसआईटी को दे दी गई थी।
एसआईटी ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। इससे पहले यूकेएसएसएससी के पेपर लीक मामले में भी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसमें तीन आरोपियों की संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। इनमें हाकम सिंह, चंदन मनराल और उसका एक अन्य साथी शामिल है।
इसी क्रम में अब पटवारी पेपर लीक के आरोपियों की बारी है। सूत्रों के अनुसार, हरिद्वार पुलिस की तीन टीमों को आरोपियों की संपत्तियों की जांच में लगाया गया है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक कराने के बाद काफी चल-अचल संपत्तियों का सौदा आरोपियों ने किया था।
पुलिस को इनके संबंध में जानकारी भी मिली है। पुलिस अब संपत्तियों का आकलन करा रही है। अभी तक आरोपियों से करीब 41 लाख रुपये बरामद हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि यह रकम और ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा आरोपियों ने रकम को कहीं निवेश भी किया है। इस बात का भी पुलिस पता लगा रही है।
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