Paush Purnima 2023: पौष पूर्णिमा आज, जानें स्नान के मुहूर्त से लेकर पूजा विधि, महत्व और व्रत नियम

[ad_1]

Paush Purnima 2023: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल 2023 की शुरुआत बहुत शुभ हुई है. साल की शुरुआत में ही पुत्रदा एकादशी और शुभ योगों का बनना बेहद शुभ माना जा रहा है. बता दें कि पौष माह का समापन होने वाला है और 7 जनवरी से माघ माह की शुरुआत होगी. 6 जनवरी को पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा मनाई जाएगी.

पौष पूर्णिमा 2023 चंद्रोदय समय

06 जनवरी को पौष पूर्णिमा की शाम चंद्रमा का उदय ठीक 05 बजे होगा. पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा की चांद के अस्त होने का समय प्राप्त नहीं है.

पौष पूर्णिमा 2023 तिथि

पूर्णिमा तिथि आरंभ- 6 जनवरी 2023, शुक्रवार, रात्रि 2 बजकर 16 मिनट से

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 7 जनवरी 2023, शनिवार प्रातः 4 बजकर 37 मिनट पर

पौष पूर्णिमा पर सूर्य-चंद्र पूजा का संयोग

पौष का महीना सूर्य देव को समर्पित हैं, वहीं पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र होते हैं. सूर्य और चंद्रमा का ये दुर्लभ संयोग सिर्फ पौष पूर्णिमा पर ही बनता है. शास्त्रों के अनुसार पौष पूर्णिमा पर सुबह सूर्योदय से पूर्व सूर्य को जल चढ़ाने के बाद इस व्रत की शुरुआत होती है और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा कर के व्रत खोला जाता है. मान्यता है कि सूर्य-चंद्र पूजा के विशेष संयोग में स्नान-दान करने से व्यक्ति के तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं. घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और साधक को मोक्ष मिलता है.

पौष पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि

पौष पूर्णिमा पर स्नान, दान, जप और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और मोक्ष मिलता है. इस दिन सूर्य देव की आराधना का विशेष महत्व है. पौष पूर्णिमा की व्रत और पूजा विधि इस प्रकार है:

1. पौष पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल स्नान से पहले व्रत का संकल्प लें.

2. पवित्र नदी या कुंड में स्नान करें और स्नान से पूर्व वरुण देव को प्रणाम करें.

3. स्नान के पश्चात सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए.

4. स्नान से निवृत्त होकर भगवान मधुसूदन की पूजा करनी चाहिए और उन्हें नैवेद्य अर्पित करना चाहिए.

5. किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देनी चाहिए.

6. दान में तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्र विशेष रूप से देने चाहिए.

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *