Pithoragarh: बारिश के बाद ‘झील’ में तब्दील हुई बोना नदी, जमा पानी से कई गांवों में बाढ़ का खतरा

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उत्तराखंड के मुनस्यारी तहसील की बोना नदी का जल प्रवाह मलबा गिरने से रुक गया है। प्रवाह रुकने से नदी ने झील का आकार ले लिया है। इससे कई गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बता दें कि कुछ दिन पूर्व बारिश के बाद बोना नदी क्षेत्र में पहाड़ टूटने से नदी का पानी रुक गया था।

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पानी अब धीरे-धीरे झील का रूप लेने लगा है। इस कारण नदी किनारे बसे लोदी, दानीबगड़, बिंदी, भिकुड़ी, सेराघाट आदि गांवों को खतरा पैदा हो गया है। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने बताया कि कुछ समय पूर्व बारिश के चलते पहाड़ी टूटने से मलबा नदी में गिर गया था। इससे नदी का प्रवाह एकदम रुक गया।



अब नदी में पानी बढ़ता जा रहा है। समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो कभी भी पानी का सैलाब गांवों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर शीघ्र जांच के लिए एक टीम क्षेत्र में भेजने की मांग की है।


वहीं, कुमाऊं क्षेत्र में आज भी कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं। जबकि, प्रदेश के अन्य इलाकों में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कुमाऊं क्षेत्र के कुछ इलाकों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।


मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, छह जुलाई तक प्रदेशभर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। गढ़वाल के बजाय कुमाऊं क्षेत्र में अधिक बारिश की संभावना है। इसके चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने से सड़क और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।


नालों-नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने हिदायत दी है, बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।


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