[ad_1]
Pitru Paksha 2022: पितृ दोष को शांत करने का बहुत ही महत्वपूर्ण समय श्राद्धपक्ष होता है. इस समय कोई भी शुभ समय नहीं देखा जाता है. जिस परिवार के किसी सदस्य या पूर्वज का ठीक प्रकार से अंतिम संस्कार, पिंडदान और तर्पण नहीं हुआ हो, उनकी आगामी पीढि़यों में पितृदोष उत्पन्न होता है. ऐसे व्यक्तियों का संपूर्ण जीवन कष्टमय रहता है, जब तक कि पितरों के निमित्त नारायणबलि विधान न किया जाए तबतक शांति नहीं मिलती है. मानसिक परेशानी बना रहता है. परिवार के सदस्यों को विवाह होने में देर होती है. नौकरी में परेशानी होती है. आइए जानते है पितृ दोष शांत करने के उपाय..
[ad_2]
Source link