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Pitru Paksha 2023: पितृपक्ष के दौरान हिन्दू धर्म में मान्यता है कि पितर यानी पूर्वज आत्माएं अपने परिवार के लोगों के पास किसी खास रूप में विचरण करती हैं. यह मान्यता है कि पितर विशेष रूप से गणेश पुरी, गया, काशी, यमुना नदी के किनारे, और उनके आदिकाल में जिन स्थलों पर जीवन गुजारे वहाँ आत्मा का आशीर्वाद देते हैं. परिवार के लोग इन स्थलों पर पितृ पक्ष में पितरों का श्रद्धा पूर्वक श्राद्ध करके उनका पिंड दान और तर्पण करते हैं. पितृ पक्ष के दौरान कुछ खास संकेतों से पता चलता है कि हमारे पूर्वज हमारे आसपास ही मौजूद हैं. आइए जानते हैं इन संकेतों के बारे में
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