PM Sambhal Visit: मोदी कल पहुंचेंगे संभल, कल्कि धाम शिलान्यास में लेंगे भाग, राष्ट्रपति ने भेजी शुभकामनाएं

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Modi will reach Sambhal tomorrow, participate ceremony of Kalki Dham, President sent best wishes

संभल में पीएम मोदी के दौरे से पहले तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
– फोटो : संवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को संभल जिले के दौरे पर रहेंगे। वह ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में एक घंटे तक शामिल रहेंगे। पीएम सोमवार सुबह 10.30 बजे हेलिकॉप्टर से सीधे ऐंचोड़ा कंबोह पहुंचेंगे। 11.30 बजे वह रवाना हो जाएंगे।

पीएमओ की टीम ने आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य चीजों को परखनी शुरू कर दी है।  श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पिछले दिनों दिल्ली में प्रधानमंत्री को समारोह का न्योता दिया था। पीएम ने निमंत्रण स्वीकारते हुए समारोह में शामिल होने के प्रति आश्वस्त किया था।

इसके बाद से प्रशासनिक अफसर लगातार वहां की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उधर, ऐंचोड़ा कंबोह में स्थित श्री कल्कि धाम के शिलान्यास को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभकामनाएं दी हैं। इसके लिए श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राष्ट्रपति का आभार जताया है।

राष्ट्रपति ने अपने शुभकामना संदेश पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संभल की पावन भूमि पर 19 फरवरी को श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास किया जाना एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अवसर होगा। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा कि महात्मा गांधी की दृढ़ मान्यता थी कि धर्म और सत्य पर आधारित राजनीति से ही जन-कल्याण संभव है।

राम राज की अवधारणा को गांधी जी ने भारत के स्वराज का आदर्श माना था। यह प्रसन्नता की बात है कि देश-विदेश में भारत की आध्यात्मिक और नैतिक विरासत के प्रतीक स्वरूप महान देवालयों में प्राण-प्रतिष्ठा द्वारा देश की सामाजिक और राजनीतिक चेतना में नई ऊर्जा का संचार किया जा रहा है।

भगवान राम के अवतरण की तरह, भगवान कल्कि का अवतार भी दुष्प्रवृत्तियों के विनाश और सत्प्रवृत्तियों के उत्कर्ष का काल खंड होगा। श्री कल्कि धाम मंदिर के निर्माण का संकल्प, कालातीत सनातन मूल्यों को पुनः स्थापित करने की दिशा में वंदनीय प्रस्थान है।

उम्मीद है कि आने वाले वक्त में श्री कल्कि धाम मंदिर हमारे देश की आध्यात्मिक विरासत एवं लोक कल्याण के आदर्श के प्रतीक के रूप में श्रद्धा का केंद्र बनेगा।

 

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