Poonch Terror Attack: आतंकियों के ठिकानों को तलाशने में जुटे रहे सुरक्षा बल, उत्तरी कमान प्रमुख ने जाना हाल

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Security forces engaged in locating terrorists' hideouts in Poonch, Northern Command chief inquired

राजोरी किश्तवाड़ दौरे पर पहुंचे उत्तरी कमान प्रमुख द्विवेदी
– फोटो : पीआरओ

विस्तार

पुंछ के भाटादूड़ियां में आतंकी हमले के 16वें दिन शुक्रवार को भी सुरक्षाबलों ने भाटादूड़ियां, नाढ़खास, संगेयोट और तोता गली के जंगलों में दिन भर तलाशी अभियान जारी रखा। सेना, पुलिस, एसओजी, सीआरपीएफ के कमांडो भी सर्च ऑपरेशन में जुटे रहे। इस दौरान आतंकियों की तलाश में जंगली इलाको और नालों को खंगाला गया।

सुरक्षाबलों को अभी तक कोई भी आतंकी ठिकाना या सबूत नहीं मिल पाया है। इस मामले में मेंढर से अब तक 240 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें अधिकतर को पूछताछ के बाद घर भेज दिया गया है। आतंकियों के 10 मददगारों की पुष्टि हो चुकी है, जिन्होंने हमलावरों का किसी न किसी रूप में सहयोग किया है।

बता दें कि पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाटादूड़ियां से भींबर गली के बीच के दस किलोमीटर के क्षेत्र में काफी घने जंगल हैं। इनमें बड़े-बड़े नाले और चट्टानों के साथ प्राकृतिक गुफाएं हैं।

जिनकी आड़ में आतंकियों ने 2021 में सेना के तलाशी अभियान के दौरान घात लगाकर एक जेसीओ सहित चार जवानों को शहीद कर दिया था। इसके बाद एक महीने तक चले सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान के बावजूद जंगलों को पूरी तरह से खंगाला नहीं जा सका था।

राजोरी पहुंचे उत्तरी कमान के जीओसी

सेना की उत्तरी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किश्तवाड़ और राजोरी का शुक्रवार को दौरा किया। यहां उन्होंने रिमोट ऑपरेटिंग बेस (आरओबी) का दौरा किया और सुरक्षा स्थिति और सैनिकों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।

पुंछ के भाटादूड़िया में 20 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सैनिकों की अभियानगत तैयारियों की समीक्षा के लिए लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी का राजोरी सेक्टर का यह दूसरा दौरा है। इसके पहले वह राजोरी में 26 अप्रैल और 22 अप्रैल को भाटादूडि़या हमला स्थल पर पहुंचे थे।

ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा करने के अलावा उन्होंने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और क्षेत्र पर हावी होने के निरंतर प्रयासों के लिए सैनिकों की सराहना की।

भाटादूड़ियां हमले के बाद लगातार मिल रहे थे हमले के इनपुट

जम्मू-कश्मीर में जी20 बैठकें होने जा रही हैं। आतंकी संगठन हर हाल में इनमें खलल डालने की नापाक कोशिशें कर रहे हैं। भाटादूड़ियां हमले के बाद ही लगातार इनपुट आ रहे थे कि आतंकी राजोरी-पुंछ में फिर से हमला कर सकते हैं। आतंकियों की सक्रियता लगातार सामने आ रही थी।

बावजूद इसके आतंकियों से सामना करते हुए पांच जवानों की शहादत और एक भी आतंकी न मारा जाना एक बड़ा नुकसान और चूक है। जबकि सेना की नई रणनीति कहती है कि अपना कम नुकसान हो और अधिक से अधिक आतंकी मारे जाएं, लेकिन इसके विपरीत हो रहा है।

आतंकियों का नुकसान कम और भारतीय सेना का नुकसान अधिक हो रहा है। इनपुट मिलने के बावजूद जवानों की शहादत एक सवालिया निशान है।

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