[ad_1]

इसी बस में कंडक्टर पर हुआ हमला।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
चापड़ के हमले से घायल परिचालक हरिकेश विश्वकर्मा के शरीर में कुल 35 टांके लगे हैं। इंजीनियरिंग छात्र ने उनके गले में जो वार किया, उससे करीब छह इंच लंबा घाव हुआ है। कई नसें भी इससे कट गई हैं। शुक्र है कि एसआरएन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया। जान का खतरा घटने पर सोमवार को उन्हें आईसीयू से इमरजेंसी वार्ड में भी शिफ्ट कर दिया गया। उन्हें इसी हफ्ते अस्पताल से भी छुट्टी मिल सकती है।
शुक्रवार को हुए हमले के बाद से एसआरएन के आईसीयू में भर्ती हरिकेश विश्वकर्मा की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। हालांकि, शुरुआती स्थितियां नाजुक थीं। जान तक का खतरा दिख रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक हरिकेश के दाहिने कान के नीचे गर्दन के पिछले हिस्से में करीब छह इंच लंबा, चार इंच चौड़ा और तीन इंच गहरा घाव था। मांस के कटे हिस्सों को सहेजने के लिए गले में 20 टांके लगाने पड़े। हमले से बचने के चक्कर में हाथों में भी दो जगह चापड़ लगा है।
हाथों के कटे हिस्सों में कुल 15 टांके लगाए गए हैं। उनके दाहिने हाथ की एक अंगुली भी टूट गई है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्दन पर हमले में परिचालक के दिमाग से दिल तक खून को ले जाने वाली नस कट गई है। फिलहाल डॉक्टरों की तत्परता से परिचालक की तबीयत में तेजी से सुधार आ रहा है। सोमवार को परिचालक को आईसीयू से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। परिचालक का इलाज सर्जन डॉ. विकास सचदेवा की देखरेख में चल रहा है।
[ad_2]
Source link