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प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पुष्पांजलि इंफ्राटेक प्रा. लि. की धोखाधड़ी के शिकार 90 बायर्स का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पिछले पांच सालों से लड़ाई लड़ रहे आर्किड पार्क और एमिनेंट हाइट्स के फ्लैट खरीदारों का कहना है कि सेक्शन-8 का प्रयोग कर जैसे आम्रपाली प्रोजेक्ट को एनबीसीसी के हवाले कर फ्लैटों का निर्माण पूरा कराया गया, वैसे ही पुष्पांजलि इंफ्राटेक के फ्लैैटों को किसी अन्य डेवलपर से पूरा कराया जाए।
वहीं, रेरा ने इसमें असमर्थता जताते हुए कहा कि पुष्पांजलि इंफ्राटेक की संबंधित प्रापर्टी पर पीएनबी के लोन का भी 21 करोड़ का बकाया था, इस कारण इस प्रॉपर्टी को ईडी ने अटैच किया है। इसमें अभी सेक्शन-8 का प्रयोग नहीं किया जा सकता। हालांकि, रेरा ने ईडी को समन भेजकर बायर्स के हितों का संरक्षण करने के लिए कहा है।
अब पांच अप्रैल को अगली तारीख है। इसमें ईडी की ओर से अपना पक्ष रखकर बताया जाएगा कि वह बायर्स के हित में क्या कर रहा है। दरअसल, पुष्पांजलि रियलमस इंफ्राटेक प्रा. लि. के निदेशक दीपक मित्तल की निर्माणाधीन परियोजना आर्किड पार्क (राजपुर रोड) को ईडी ने अटैच करने के साथ ही कंपनी के अन्य निदेशक राजपाल वालिया और उनकी पत्नी के आवास, फ्लैट को भी अटैच किया है। राजपाल का आवास आर्किड पार्क के पास ही है, जबकि फ्लैट परियोजना में स्थित है।
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