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Rahu Shani Dosh: राहु और केतु शनि देव के अनुचर हैं. व्यक्ति के शरीर में इनके स्थान नियुक्त हैं. सिर राहु है तो केतु धड़ है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपके गले से ऊपर सिर तक किसी भी प्रकार की गंदगी या खार जमा है तो राहु का प्रकोप आपके ऊपर मंडरा रहा है. वहीं यदि फेफड़ें, पेट और पैर में किसी भी प्रकार का विकार है तो आप केतु के शिकार हैं. हड्डी, बाल, दांत या आंत में कोई समस्या है तो आप शनि देव के शिकार हैं. शनि शरीर के दृष्टि, बाल, भवें, हड्डी और कनपटी वाले हिस्से पर प्रभाव डालते है. राहु सिर और ठोड़ी पर और केतु कान, रीढ़, घुटने, लिंग और जोड़ पर प्रभाव डालता है.
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