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पटना में एएलपी भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने किया था प्रदर्शन।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे भर्तियों में रिक्तियां बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए काम की खबर है। लगातार चल रहे प्रदर्शन के कारण रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर सहायक लोको पायलट की उम्र सीमा में तीन साल की छूट दी गई है। रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि अब हर साल सहायक लोको पायलट की परीक्षा ली जाएगी। साथ ही टेक्निशियन भर्ती का भी जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह भर्ती 9 हजार पदों पर होगी। मार्च-अप्रैल, 2024 में ऑनलाईन आवेदन जमा ली जाएगी। अक्टूबर से दिसंबर, 2024 तक सीबीटी की परीक्षा निर्धारण संभावित है। फरवरी, 2025 में डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन हेतु अभ्यर्थियों का शॉटलिस्ट कर लिया जायेगा ।
पटना में प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी सावधान, इन इलाकों में धारा 144 लागू
वहीं पटना जिला प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लगाम लगाने की कोशिश की है। पटना जिला प्रशासन की ओर से धारा 144 लगा दिया गया है। यह धारा पटना सदर और पटना सिटी अनुमंडल में लागू रहेगा। यानी अब एक साथ कई लोगों का खड़ा होना अपराध माना जाएगा। पटना सिटी यह निषेधाज्ञा अगले आदेश तक तो वहीं पटना सदर अनुमंडल में पांच फरवरी तक लागू किया गया है। अनुमंडल दंडाधिकारी, पटना सदर श्रीकान्त कुण्डलिक खाण्डेकर और अनुमंडल दंडाधिकारी, पटना सिटी गुंजन सिंह की ओर से बुधवार को यह आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि सहायक लोको पायलट (एएलपी) के पद पर भर्ती हेतु निकाली गयी रिक्तियों को बढ़ाने की मांग को लेकर रेलवे परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों द्वारा विगत कई दिनों से विभिन्न सरकारी कार्यालय एवं अन्य जगहों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके कारण आमजनों को भाड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि छात्र एवं युवा संगठनों द्वारा रेलवे भर्ती परीक्षा के संबंध में 29 जनवरी से प्रदर्शन किया जा रहा है। सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से कई स्थानों पर हिंसक एवं उग्र प्रदर्शन के लिए भीड़ को जुटाने, रेल परिचालन रोकने, सरकारी एवं निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा आगजनी करने हेतु छात्रों और युवाओं को जुटाने के लिए संदेश प्रचारित किये जा रहे हैं। उक्त स्थिति से जानमाल की क्षति एवं आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त होने की प्रबल संभावना है। अतः सार्वजनिक स्थानो, चौक-चौराहो एवं रेलवे स्टेशन पर किसी भी प्रकार के अनावश्यक जमावडे, प्रदर्शन को प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है।
- रेल और सड़क यातायात को किसी भी प्रकार से बाधित करना दंडनीय होगा।
- धरना, प्रदर्शन, जुलूस आदि प्रतिबंधित रहेगा।
- किसी भी प्रकार का भड़काऊ संदेश प्रसारित करना प्रतिबंधित रहेगा।
- लॉड स्पीकर के माध्यम से भड़काऊ भाषण आदि प्रतिबंधित रहेगा।
- किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र लेकर चलना और प्रदर्शन करना दंडनीय रहेगा।
- किसी भी प्रकार से सरकारी एवं निजी सम्पत्ति को क्षति पहुंचाना विशेष रूप से दंडनीय होगा।
- पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह पर इकट्ठा होना प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश दिनांक 31 जनवरी से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
- यह आदेश किसी भी प्रकार के वैवाहिक, शैक्षणिक तथा व्यवसायिक कार्यक्रम एवं धार्मिक अनुष्ठान तथा विधि व्यवस्था के संधारण में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी, कर्मचारी, पुलिस बल पर लागू नहीं होगा।
एएलपी के मात्र 5696 पद निकालने का यह स्पष्टीकरण तो हो ही नहीं सकता
युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि एएलपी भर्ती को लेकर हमारी मांग पर रेलमंत्री जी का सार्वजनिक जवाब आया है। उन्होंने कहा है कि पिछले एक साल में डेढ़ लाख नौकरी दी गयी और अब हर वर्ष भर्ती निकाली जाएगी। लेकिन इस जवाब का छात्रों की मांग से कोई खास लेना देना दिखता नहीं। इसके अलावा मंत्री जी के तर्क में दो बड़ी खामियां भी हैं। सबसे पहली बात कि ये डेढ़ लाख नौकरियां पांच साल पुरानी भर्तियों की हैं, पिछले एक साल की नहीं। एएलपी के मात्र 5696 पद निकालने का यह स्पष्टीकरण तो हो ही नहीं सकता कि हर साल भर्ती निकाली जाएगी। वह भी तब जबकि लाखों पद रिक्त पड़े हों और रेलवे में बालासोर जैसी दुर्घटनाएं हो रही हों। वैसे भी हर साल भर्ती निकलना ही चाहिए। ऐसा करके सरकार कोई एहसान नहीं करेगी क्योंकि हर साल भारी संख्या में पद रिक्त ही नहीं हो रहे, जनसंख्या से लेकर विभाग का काम भी बढ़ रहा है। रेल मंत्री के इस जवाब से देशभर के रेलवे अभ्यर्थी असंतुष्ट हैं और अभी भी मांग कर रहे हैं कि ALP भर्ती में पदों की संख्या बढ़े और आयु सीमा में अभ्यर्थियों को छूट दी जाए। केंद्र सरकार से निवेदन है कि हमारी वाजिब मांग का जल्द संज्ञान लें।
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