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rain in UP
– फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बागपत में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 209 मीटर से ऊपर पहुंच गया है। इससे बागपत, काठा, निवाड़ा, खेड़ा हटाना, टांडा, कोताना में यमुना खादर में करीब 500 बीघा में सब्जी और चारे की फसल डूब गई है। हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे यहां आज रात तक पानी का स्तर और बढ़ने की संभावना है। आज दोपहर में डीएम और एसपी ने यमुना किनारे बसे गांवों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कराते हुए तटवर्ती क्षेत्राें के गांवों में भी लोगों को अलर्ट रहने का एलान किया। बता दें कि खादर क्षेत्रों में यमुना का पानी खेतों में घुसने से यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता और बढ़ गई है। स्थिति का जायजा लेने के लिए आज प्रशासनिक अधिकारी टांडा, निवाड़ा और काठा गांव पहुंचे।
पहाड़ों पर बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से पिछले कई दिन से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि सोमवार सुबह तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे यमुना खादर में उगाई गई घीया, तोरई, सीताफल के साथ ही ज्वार व बाजरा की फसल डूब गई। किसानों के अनुसार करीब 500 बीघा में सब्जी व चारे की फसल डूब गई है। वहीं जिस तरह से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, उससे यमुना किनारे पर कटान हो रहा है। जिसके चलते टांडा, बदरखा, शबगा, जागोस, कोताना, खेड़ा इस्लामपुर, सुल्तानपुर हटाना, नैथला, फैजपुर निनाना, निवाड़ा, सिसाना, बागपत, काठा, पाली, साकरौद में परेशानी बढ़ने लगी है।
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