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राजोरी के कंडी हिल में चला सर्च ऑपरेशन
– फोटो : पीटीआई
विस्तार
राजोरी के कोटरंका का केसरी हिल इलाका कंटीली झाड़ियों और बड़े-बड़े पत्थरों से घिरा हुआ है, जो आतंकियों की ढाल बन रहे हैं। इस इलाके में कई प्राकृतिक गुफाएं हैं, जिनमें आतंकी छिपे हो सकते हैं। भौगोलिक दृष्टि से उबड़-खाबड़ इलाका होने के कारण अभी तक आतंकी सेना के हाथ एक भी आतंकी नहीं लगा है।
सूत्रों के अनुसार जंगली इलाका इतना घना है कि, वहां पर ड्रोन की मदद से भी कुछ देख पाना संभव नहीं। राजोरी-पुंछ जिले में जब आतंकवाद चरम पर था तो आतंकी केसरी हिल और आसपास के घने जंगली इलाकों व प्राकृतिक गुफाओं में पनाह लेते थे। उसी तर्ज पर फिर से आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पीएएफएफ ने फिर ली जिम्मेदारी
आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट ने राजोरी में पांच जवानों की शहादत की जिम्मेदारी ली है। फ्रंट ने टेलिग्राम पर लिखा कि वह जैसा चाहते थे, ठीक उनकी उम्मीदों के मुताबिक हुआ है। घात लगाकर आईईडी को रिमोट से बिस्फोट किया। यह भी लिखा कि कितना आसान है घात क्षेत्र में उकसा कर बुलाना। कितना आसान है सेना की हर हरकत का पता लगाना। हमने जंगलों को बहुत ही अच्छे से अपने लिए तैयार किया है।
सैन्य जवानों की शहादत पर सियासी नेताओं ने जताया दुख
राजोरी में पांच सैन्य जवानों की शहादत पर राजनीतिक नेताओं ने गहरा दुख जताया है। नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि आतंकवाद की जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना भी प्रकट की है।
पीडीपी की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह आतंकियों की कायरतापूर्ण हरकत है। अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने भी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैन्य जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उन्हें हमेशा याद रखेगा।
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