Rajouri Encounter: घाटी में अफगानिस्तान फ्रंट पर प्रशिक्षित दहशतगर्द बने चुनौती, छिपे हैं 70 पाकिस्तानी आतंकी

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Rajouri Encounter: Trained LeT terrorist in Afghanistan front becomes a challenge in the valley

Rajouri Encounter
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी के बाजीमाल इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सेना के कैप्टन एमवी प्रांजल, कैप्टन शुभम और हवलदार माजिद सहित चार शहादतें हुई हैं। एक अन्य अधिकारी और जवान भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राजौरी में चल रही मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं, जिनमें से एक पाकिस्तानी आतंकी ‘क्वारी’ भी है। वह पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘लश्कर ए तैयबा’ का हाई रैंक आतंकी है। इस आतंकी को पाकिस्तान/अफगानिस्तान फ्रंट पर प्रशिक्षित किया गया था। क्वारी पिछले साल से ही राजौरी क्षेत्र में सक्रिय था। वह ट्रेंड स्नाइपर और आईईडी तैयार करने में भी एक्सपर्ट था। सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष जेएंडके में जितनी भी बड़ी मुठभेड़ हुई हैं, उनमें ज्यादातर हाई रैंक वाले ट्रेंड आतंकी मारे गए हैं। इन आतंकियों ने सुरक्षा बलों को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में 70 पाकिस्तानी आतंकी छिपे हैं। इनमें से अधिकांश दहशतगर्दों की ट्रेनिंग अफगानिस्तान फ्रंट पर हुई है। इन सभी आतंकियों तक पहुंचाना, सुरक्षा बलों के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं है।

दो दर्जन से अधिक स्थानीय दशहतगर्द

इससे पहले सितंबर में अनंतनाग जिले के कोकेरनाग क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल ‘आरआर’ के कमांडिंग अफसर (कर्नल) मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष और जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट्ट शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में दो अन्य जवानों ने भी शहादत दी। साल 2020 के बाद जम्मू-कश्मीर में यह पहली घटना थी, जिसमें सेना के कमांडिंग अफसर शहीद हुए थे। मुठभेड़ में दो आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। जम्मू-कश्मीर में इस साल सुरक्षा बलों की मुठभेड़ में कुल 60 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। खास बात ये है कि मारे गए दहशतगर्दों में करीब डेढ़ दर्जन स्थानीय और 48 विदेशी आतंकी थे। सूत्रों के मुताबिक, पीर पंजाल की गुफाओं सहित जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में 70 विदेशी यानी पाकिस्तान मूल के आतंकी छिपे हैं। इनके अलावा दो दर्जन से अधिक लोकल दशहतगर्द भी मौजूद हैं।

मुश्किल लोकेशन पर बैठे रहते हैं आतंकी

भले ही सीमा पर कोई बड़ी घुसपैठ नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से बॉर्डर पार कर आतंकी, जेएंडके में पहुंचे हैं। सुरक्षा बलों द्वारा बॉर्डर पर घुसपैठ के कई प्रयास असफल किए गए हैं। नेपाल का मार्ग, आतंकियों के भारत में प्रवेश करने का एंट्री प्वाइंट तो नहीं बन रहा, ये बात सुरक्षा एजेंसियों के दिमाग में है। जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के ज्वाइंट ऑपरेशन में इस वर्ष लगभग सत्तर आतंकी मारे गए हैं। मौजूदा समय में सौ से अधिक आतंकी सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष हुई ज्यादातर मुठभेड़, सामान्य नहीं रही हैं। आतंकी मारे गए हैं, लेकिन उन्होंने सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। मारे गए कई आतंकी, अफगानिस्तान के लड़ाकों की तर्ज पर प्रशिक्षित किए गए थे।






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