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कौन हैं ये भद्रा, जो इस बार रक्षाबंधन में डाल रही हैं खलल, जानिए- क्या होता है भद्राकाल ?
– फोटो : अमर उजाला
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Happy Raksha Bandhan 2023 Muhurat: भाई-बहन के रिश्ते को अटूट और मधुर बनाने का पर्व रक्षाबंधन बुधवार यानि आज रात नौ बजे से अगले दिन सुबह 7:45 बजे मनाया जाएगा।
बीएचयू ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो विनय पांडेय ने बताया कि 30 अगस्त, बुधवार को 10 बजकर 58 मिनट पर भद्राकाल में श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि आरंभ हो गई है। पूरे दिन भद्रा काल का साया रहेगा जिसके चलते दिनभर रक्षाबंधन पर राखी नहीं बांधी जा सकेगी। 30 अगस्त को राखी बांधने के लिए कुल मिलाकर 01 घंटा 12 मिनट का समय मिलेगा।
कौन है भद्रा?
पौराणिक कथा के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य नारायण और पत्नी छाया की कन्या व भगवान शनि की बहन है। मान्यता के अनुसार दैत्यों को मारने के लिए भद्रा गर्दभ के मुख और लंबी पूंछ और 3 पैरयुक्त उत्पन्न हुई। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा का स्वभाव भी शनि की तरह है। दैनिक पंचांग में भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। माना जाता है कि ब्रह्मा जी ने भद्रा को पंचांग में विशेष स्थान प्रदान किया है।
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