Raksha Bandhan 2023: रक्षाबंधन पर गोबर की राखी पहनो, गमले में डालेंगे तो खिलेंगे फूल

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Raksha Bandhan 2023:  Cow Dung Rakhis Made In Shimla

गोबर से राखी बनाती महिला।
– फोटो : संवाद

विस्तार


भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का प्रतीक रक्षाबंधन पर इस साल गाय के गोबर से बनी बीज राखियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। ये राखियां बाजार में मौजूद अन्य राखियों से न केवल सस्ती हैं, बल्कि अलग-अलग रंगों और डिजाइन में उपलब्ध हैं। इनका मूल्य 10 से 50 रुपये है। हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं प्रदेश भर में आजीविका बढ़ाने के लिए अलग-अलग कार्य कर रही हैं।

पिछले तीन वर्षों से यह महिलाएं रक्षाबंधन पर गोबर की राखियां बना रही हैं। जो इस बार लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हैं। शिमला के कसुम्पटी में इन राखियों के स्टॉल भी लगाए हैं। सचिवालय में भी इन राखियों को बेचा जा रहा है। इन राखियों की खास बात यह है कि इन्हें फेंकने बाद पर्यावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। इन्हें बनाते समय इसमें गुलाब, गैंदा, तुलसी, सहित अन्य फूलों के बीज डाले जाते हैं।

राखी को फेंकने के बाद गोबर की खाद बन जाती है और इसमें मौजूद बीज से पौधे उगा जाते हैं। एनआरएलएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि एनआरएलएम तहत प्रदेश के 42 हज़ार स्वयं सहायता समूह की तीन से चार लाख महिलाएं गोबर राखियां बना रही हैं। शिमला के टुटू में कामनापूर्ण गोशाला में अपने स्तर पर गोबर की राखियां बनाई जा रही हैं।

इसमें स्वेच्छा से पांच महिलाएं कार्य कर रही हैं। गोशाला समिति के सदस्य हेमंत शर्मा ने बताया इसके अलावा वे गोबर से धूप, गमले, नेम प्लेट, दीवार घड़ियां और दीये सहित अन्य चीजें बनाकर तैयार करते हैं। इसके अलावा कीटनाशक गोमूत्र भी बनाते हैं। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य गाय को हर रूप में उपयोगी साबित करना है।

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