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काशी की गलियों में पेटिंग
– फोटो : अमर उजाला
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बदलते बनारस को एक रंग और एक रूप में करने की कवायद शुरू होने वाली है। वाराणसी के सभी प्रवेश मार्गों के दोनों किनारे स्थित भवनों को जी20 की तर्ज पर एक रंग में किया जाएगा। मुख्य मार्गों को जगह जगह फसाड और म्यूरल पेंटिंग से संवारा जाएगा। शहर में फोरलेन और सिक्सलेन वाली सड़कों को जी20 की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। शहर का एक लोगो भी बनाया जाएगा और इसका उपयोग इस तरह किया जाएगा, जिससे शहर के आसपास से गुजरने वालों को काशी में होने का अहसास हो सके।
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद काशी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए अब शहर को नए सिरे से सजाने-संवारने की तैयारी है। इसके लिए शहर के सभी पांच-छह प्रमुख प्रवेश मार्गों को पहले चरण में तैयार किया जाएगा। जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह में इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराया जाएगा। इसमें शहर के सभी प्रमुख चौराहों को भी संवारने की योजना है। इसके लिए प्रशासन की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।
देव दीपावली से पहले काशी में दिखेगा बदलाव
प्रशासन मार्च से शहर को संवारने की योजना पर काम शुरू करेगा। इसमें पूरी सड़क को अलग-अलग थीम पर तैयार किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर मोहनसराय से बौलिया तक के भवन गुलाबी होंगे। लहरतारा से लंका के बीच लाल रंग का चयन किया जाएगा। इस पूरे बदलाव को नवंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा। दरअसल, काशी को अयोध्या के साथी प्रयागराज में होने वाले कुंभ के लिए भी तैयार किया जा रहा है।
सड़कों को एक रंग और रूप में करके शहर को नई पहचान देने की योजना पर काम किया जा रहा है। अयोध्या और प्रयाग कुंभ के दौरान काशी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी। इससे पहले शहर को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। – कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त
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