Ram Mandir: सांसद डिंपल यादव के घर स्पीडपोस्ट से आया घी का डिब्बा, जानें क्यों भेजा, और MP से क्या है कनेक्शन

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Ram Mandir: A box of ghee came to MP Dimple Yadav's house from Speedpost, know why it was sent

मैनपुरी सांसद डिंपल यादव को छतरपुर के डॉक्टर ने घी का डिब्बा भेजा है।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव को मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में रहने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एमएल अग्निहोत्री ने घी का डिब्बा भिजवाया है। इसकी वजह डिंपल यादव का एक बयान था। डिब्बा भिजवाने की वजह भी अग्निहोत्री ने पत्र में लिखकर साथ भेजी है।  

डिंपल ने भाजपा पर कसा था तंज

बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाली राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर सियासत जारी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या न आकर घरों पर दीये जलाकर दिवाली मनाने की अपील पर राजनीतिक बयान सामने आए थे। एक बयान मैनपुरी सांसद डिंपल यादव का था। उन्होंने कहा था कि मोदी जी दीप उत्सव के लिए घी कौन देगा? भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि दिवाली मनाने के लिए आप घर-घर घी पहुंचाएं, जिससे लोग घी के दीए जला पाएं। ये बयान सामने आने के बाद छतरपुर के डॉक्टर एमएल अग्निहोत्री ने डिंपल यादव के घर शुद्ध घी का डिब्बा भेजा है।  उन्होंने एक खत भी लिखा है। 

खत में ये संदेश भी भेजा

डिंपल यादव को भेजे खत में लिखा है कि आपके एक बयान में अयोध्या में होने वाले श्री राम प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर दीपक जलाने के लिए घी की मांग की गई है। प्रभु श्रीराम का सेवक होने के नाते मुझे अपार प्रसन्नता हुई। आपकी मांग की तत्काल पूर्ति करते हुए शुद्ध घी भेज रहा हूं। कृपया 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर पूरे विश्व के साथ दीपक जलाकर सहभागी बनें। मुझे आपके हृदय परिवर्तन को देखते हुए अपार खुशी हो रही है, क्योंकि आपके परिवार विशेषतौर से तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा कारसेवकों की नृशंस हत्या, मारपीट और अन्य अत्यंत निर्मम अत्याचार को देशवासी कभी भी भूल नहीं सकते। शायद आपको गलतियों का अहसास हो गया है, इसीलिए दीपात्सव कार्यक्रम में सम्मलित होने की इच्छा जताई है। आपको अवगत कराना चाहता हूं कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से दीपक जलाने का अनुरोध किया है, कोई बाध्यता नहीं है। दीपक जलाना या न जलाना आपके विवेक पर निर्भर करता है, परंतु आपकी भावनाएं सम्मान करने योग्य हैं। कृपया सभी राजनीतिक दबावों को नकारते हुए मेरी भेंट स्वीकार कर मुझे उपकृत करने का कष्ट करें। 

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