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रमजान की तैयारी में नखास चौक पर खरीदारी करते लोग।
– फोटो : अमर उजाला।
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मुस्लिम समुदाय के लोग बुधवार की शाम आसमान पर नजरें गड़ाए रहे, लेकिन माह-ए-रमजान के चांद का दीदार नहीं हुआ। नखास, रेती, घंटाघर, शाहमारुफ आदि मोहल्लों में बहुत सारे दुकानें इस प्रत्याशा में जल्द बंद हो गईं कि बुधवार को चांद का दीदार हो जाएगा। मस्जिदों में पहुंचे लोगों ने एक-दूसरे का हालचाल लिया और फिर चांद पर चर्चाएं कीं। मौलाना और मौलवी से रायशुमारी कर बृहस्पतिवार से तरावीह की नमाज पढ़ना तय किया गया।
रमजान की तिथि निर्धारित होने के बाद इफ्तार के सामान की दुकानें भी सजने लगी हैं। बुधवार को लोगों ने खरीदारी की। नखास पर सेवई, खजूर, टोपी व इत्र की लोगों ने खरीदारी की। मस्जिदों में साफ-सफाई हुई। बृहस्पतिवार को पूरे दिन बाजार में चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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दरगाह मुबारक खां शहीद और उर्दू बाजार की बड़ी के मस्जिद उलमा-ए- किराम ने पुष्टि की है कि माह-ए-रमजान के चांद का दीदार भारत में कहीं भी नहीं हुआ है, इसलिए अब माह-ए-रमजान का पहला रोजा शुक्रवार से शुरू होगा। जबकि, तरावीह की नमाज बृहस्पतिवार रात से शुरु हो जाएगी। माह-ए-रमजान का पहला रोजा करीब 15 घंटा 45 मिनट का होगा।
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