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देहरादून राजपुर रोड स्थित रिलायंस के ज्वैलरी शोरूम में डकैती
– फोटो : फाइल फोटो
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रिलायंस डकैती कांड के मास्टरमाइंड शशांक उर्फ सोनू राजपूत की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी ही है। शशांक डकैती डालने वाले बदमाशों को ऑनलाइन ऑपरेट कर रहा था। वह डकैती डालने से लेकर भागने तक हर वक्त उनके साथ ऑनलाइन जुड़ा था। ऑनलाइन ही उनके रूट भी बदल रहा था। अंत में जब पोंटा साहिब के रास्ते पर चेकिंग का खतरा हुआ तो उसने गूगल मैप पर अंग्रेजी अक्षर लिखकर उनका रूट नदी किनारे से कर दिया था। इससे बदमाश आसानी से देहरादून की सीमा पार कर गए।
यह सब जानकारी शशांक ने ट्रांजिट रिमांड के दौरान पुलिस को दी है। पुलिस बुधवार को उसे देहरादून लेकर पहुंची थी जिसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शशांक सुबोध से राजीव उर्फ सरदार के माध्यम से मिला था। उसने सुबोध के साथ मिलकर डकैती की कई घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद राजीव की मौत हो गई। तब वह बिहार की बेऊर जेल में बंद हो गया। वहां एक राजस्थान का हैकर भी कुछ दिनों बाद जेल में आया। जेल में ही हैकर ने शशांक को वर्चुअल नंबर बनाना सिखाया। फिर क्या था शशांक को अब अपनी गैंग ऑपरेट करने का एक नया तरीका मिल गया।
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उसने विभिन्न माध्यमों से जेल में मोबाइल फोन मंगवाए। इसके बाद वर्चुअल नंबरों वाले मोबाइलों को अपनी गैंग तक पहुंचाया। उसने ऑनलाइन ही गुगल मैप पर देहरादून तका रास्ता देखा। रिलायंस ज्वेल्स शोरूम को भी उसी ने चिह्नित किया। देखा कि यह सड़क से अंदर है तो डकैती के लिए इसे मुफीद बताया। इसके बाद उसने अपने साथी रोशन सिंह को यहां की रैकी करने के लिए भेजा।
रैकी के बाद फिर से गुगल मैप पर ए से लेकर एच तक के अक्षरों को लिखा। इन्हें फिर व्हाट्सएप के माध्यम से अपने साथियों तक भेजा। बदमाशों ने जब डकैती डाली तो उनका हरिद्वार और पौंटा साहिब के रास्ते भागने का प्लान था। उन्होंने पौंटा साहिब का रास्ता चुना।
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