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एसडीआरएफ भवन का लोकार्पण करते मुख्यमंत्री
– फोटो : अमर उजाला
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11 हजार फीट या इससे अधिक ऊंचाई पर तैनात एसडीआरएफ के अधिकारियों और जवानों को 1500 रुपये तक का जोखिम भत्ता मिलेगा। साथ ही एक और कंपनी का गठन किया जाएगा। इसमें महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। वहीं, एसडीआरएफ में प्रतिनियुक्ति की समयावधि बढ़ाकर 10 साल की जाएगी। सोमवार को जौलीग्रांट में एसडीआरएफ के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर के लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ का मुख्यालय बनने से प्रदेश में प्राकृतिक आपदा और विभिन्न दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आई है। यहां अन्य राज्यों की एसडीआरएफ को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। एसडीआरएफ के गठन से चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियां सुरक्षित हुई हैं। हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। एसडीआरएफ अब तक तीन हजार से अधिक रेस्क्यू कर 12 हजार घायलों और दो हजार शवों को निकाल चुकी है। विभिन्न संस्थाओं के 35 हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देकर ढाई लाख लोगों को आपदा राहत कार्यों के लिए जागरूक किया है।
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सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहाकि प्रयागराज कुंभ में भी एसडीआरएफ का कार्य सराहनीय रहा है। युवक और महिला मंगल दलों, एनजीओ और ग्रामीण युवाओं को भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि तीन चरणों में बन रहे एसडीआरएफ मुख्यालय का प्रथम चरण पूरा हो गया है। दूसरे चरण में 36 करोड़ से ट्रेनिंग सेंटर निर्माणाधीन है। इस मौके पर विधायक बृजभूषण गैरोला, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत कुमार सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी पीवीके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक टेलीकॉम अमित सिन्हा, एडीजी लॉ एंड आर्डर वी मुरुगेशन, पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल उपस्थित थे।
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