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Hazaribagh Road trip : हजारीबाग भारत के पठारी राज्य झारखंड का एक मशहूर जिला और शहर है, जिसे सन् 1855 ईस्वी में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बसाया गया था. यह शहर खनिज और प्राकृतिक संपदा से भरपूर झारखंड के उत्तरी भाग में स्थिति और उद्योग-धंधे और खनिज संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है. सबसे बड़ी बात यह है कि खनिज और प्राकृतिक संपदाओं से भरे-पूरे हजारीबाग में कई टूरिस्ट प्लेस और रोड ट्रिप के लिए मनोरम स्थल भी मौजूद हैं, जहां आप परिवार के साथ रोड ट्रिप पर जा सकते हैं. इन्हीं टूरिस्ट प्लेसेज में चूरचू भी शामिल है, जहां आप अपने बच्चों के साथ रोड ट्रिप पर जा सकते हैं और प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं.
कितनी है दूरी
हजारीबाग से महज पांच किलोमीटर दूरी पर लॉन्ग ड्राइव का ऐसा रूट है, जहां आप अपनी फैमिली के साथ मनोरम प्राकृतिक नजारों के बीच समय बिता सकते हैं. साथ ही रोड के दोनों तरफ आपको कई ऐसे मनमोहक दृश्य मिल जाएंगे, जहां पर आप अपनी यादगार पलों को संजो सकते हैं. हजारीबाग बाईपास से होते हुए वाया चुरचू से हत्यारी मोड़ तक जाने वाला 25 किलोमीटर का प्राकृतिक सुंदरता और खुबसूरत नजारों से समृद्ध मार्ग है. यह पूरा 25 किलोमीटर का क्षेत्र जंगलों से घिरा है, जिस कारण यहां साल भर ठंडी हवाएं बहती रहती हैं.
ऐतिहासिक स्थलों की भी कमी नहीं
इतना ही नहीं, हजारीबाग का यह इलाका ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है. रास्ते में पड़ने वाले बहोरनपुर गांव में खुदाई के समय कई बौद्धकालीन मूर्तियां भी निकल चुकी हैं. इस रास्ते में जगह-जगह खाने के लिए फूड ट्रक और छोटे ढाबे भी मिल जाएंगे. इस रास्ते में आपको ज्यादातर घर मिट्टी के मिल जाएंगे, जिसे आप शहरों में देखने के लिए तरसते होंगे.
चडरी चट्टानी
हजारीबाग के चुरचू प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर चडरी चट्टानी पिकनिक स्पॉट भी है, जहां आप लॉन्ग ड्राइव करते हुए अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने जा सकते हैं. बेला गांव का यह चडरी स्थान काफी ऊंचाइयों पर है, जो प्राकृतिक सौंदर्य के लिए काफी प्रसिद्ध है. चडरी स्थान के पहाड़ों से लाइट जलने के बाद शाम के समय मरीन लैंड का सा नजारा दिखाई देता है. इस पहाड़ी से हजारीबाग, दारू, झुमरा और सिलवार का अद्भुत नजारा दिखाई देता है. बेला गांव के पास यह पर्यटन स्थल की मनोरम दृश्य देखते ही बनती है.
हर साल 12 जनवरी लगता है सोहराई मेला
पहाड़-जंगल के बीच और शहर के शोर-शराबे और प्रदूषण से दूर चडरी चट्टानी पर्यटन स्थल पर हर साल 12 जनवरी को सोहराई मेले का आयोजन किया जाता है. इस दिन हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित स्थानों के लोग यहां पर सोहराई मेले का आनंद उठाने यहां आते है.
नाबार्ड टाटा ट्रस्ट कर रहा विकास
चडरी चट्टानी पर्यटन स्थल अद्भुत जगह को देखकर नाबार्ड टाटा सिनी ट्रस्ट और सपोर्ट संस्था के द्वारा इस स्थल को विकसित किया जा रहा है. नाबार्ड टाटा ट्रस्ट सिनी और सपोर्ट संस्था की ओर से चडरी स्थल के सामने बेला पार्क में फलदार वृक्ष, फूल, सब्जी तथा सोलर सिस्टम से सिंचाई के संसाधन विकसित कर पिकनिक स्पॉट को विकसित किया जा रहा है. इस पिकनिक स्पॉट में सैलानियों की सुविधा के लिए टेबल, कॉटेज पानी की सुविधा तथा कई संसाधान उपलब्ध कराई है.
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