Sambhal: किसान महापंचायत में एलान…पराली जलाने पर कार्रवाई तो तहसीलों में भर देंगे, गन्ना मूल्य जल्द घोषित हो

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Sambhal: Announcement in Kisan Mahapanchayat... We will take action against stubble burning in tehsils

संभल के बहजोई में किसान आंदोलन के दौरान वक्ता
– फोटो : संवाद

विस्तार


पराली जलाने पर किसानों पर कार्रवाई हुई तो तहसील दफ्तरों में पराली और पत्ती भर देंगे। पराली जलाने के मामले सैटेलाइट से पकड़े जाते हैं, लेकिन किसानों के लिए समस्या बने छुट्टा पशुओं की निगरानी सैटेलाइट से नहीं की जा रही है। यह बातें सोमवार को बहजोई स्थित बड़े मैदान में आयोजित किसानों की महापंचायत में भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कही।

बहजोई में किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू असली अराजनैतिक की महापंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई। महापंचायत में पंजाब हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान संगठनों से जुड़े नेता पहुंचे। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि एक नवंबर से पेराई सत्र शुरू होने के बाद अभी तक सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया।

कहा कि प्रधानमंत्री 22 जनवरी को अयोध्या मंदिर का उद्घाटन करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद देशभर में सिर्फ मंदिर ही मंदिर छाया रहेगा और गन्ना मूल्य घोषित नहीं होगा। कहा कि यदि अभी गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया तो अगले तीन वर्ष तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कहा कि आलू और टमाटर एक रुपए किलो बिक रहा है और पैकिंग ग्राम में की जा रही है।

सॉस और चिप्स के पैकेट ग्राम के हिसाब से बेचे जाते हैं। दूध का दाम नहीं मिल रहा। पानी 400 रुपये लीटर तक पी रहे हैं। आलू की खेती करने में संभल यूपी का सबसे बड़ा क्षेत्र है। इस जिले में कोल्ड स्टोरेज स्वामियों से पिछले वर्ष जिलाधिकारी की मौजूदगी में 130 रुपये क्विंटल किराया तय हुआ था लेकिन कोल्ड स्टोरेज स्वामियों ने आदेश का पालन नहीं किया। मनमाना किराया वसूला है। हरपाल सिंह ने किराया वापस करने की मांग की है।

डीएचओ के तबादले की उठाई मांग

महापंचायत में डीएचओ सुघर सिंह की काफी आलोचना की गई। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार डीएचओ का तबादला करे नहीं तो उनके दफ्तर में आलू भरकर ताला लगा देंगे। कहा कि वह किसानों के लिए तैनात किए गए हैं लेकिन सुनते सिर्फ कोल्ड स्टोरेज मालिकों की हैं। उनकी कार्यशैली से किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके बाद भी जिले के आला अधिकारी शासन को इसकी जानकारी नहीं देते।

राज्यपाल के लिए ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा

महापंचायत समाप्त होने के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर दीपक कुमार को सौंपा गया। इसमें किसानों की समस्याओं से अवगत कराया है। साथ ही गन्ना मूल्य घोषित करने और उसको बढ़ाकर घोषित करने की मांग की है। छुट्टा पशुओं से छुटकारा दिलाने की मांग की है। पराली और पत्ती जलाने पर होने वाली कार्रवाई को रोकने के लिए कहा है। इसके अलावा अन्य कई मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है।

संभल समेत आसपास के जिलों से हजारों किसान हुए शामिल

महापंचायत में करीब तीन हजार से अधिक किसान करीब 250 ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाइक और कारों से पहुंचे। इसमें रामपुर के जिलाध्यक्ष जरीफ अहमद, बदायूं के केपीएस राठौर, हापुड़ से देवेंद्र सिंह, गाजियाबाद से दिग्विजय यादव, बुलंदशहर से कपिल सिरोही, अमरोहा से चौधरी महावीर सिंह अन्य कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे। संभल जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने बताया कि आसपास के जिलों से पदाधिकारी व कार्यकर्ता महापंचायत में शामिल हुए।

सुरक्षा के रहे इंतेजाम, यातायात पुलिस मौके पर तैनात

महापंचायत के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतेजाम रहे। बहजोई थाने के अलावा आसपास के थानों की पुलिस को तैनात किया गया था। यातायात पुलिस ने यातायात व्यवस्था को संभाला। जो किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे थे। उनको बड़े मैदान में ही पार्क कराया। जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़े नहीं। दमकल और एंबुलेंस को भी महापंचायत स्थल पर तैनात किया गया।

यह बोले किसान नेता

राजस्थान से आए किसान नेता रणजीत सिंह राजू ने कहा कि लखीमपुर कांड के दोषी संसद में बैठे हैं। उन्हें बाहर कैसे निकालना है। यह बात करने आया हूं। किसान व मजदूर को मजबूत सरकार चाहिए। दिल्ली से टिकट लेकर आए लोगों को वोट न दें। देशभर का किसान परेशान है। किसानों को मेहनत का दम भी नहीं मिलता। फसलों के दामों के लिए किसानों को लड़ना होगा।

दिल्ली से आए प्रबल प्रताप शाही ने कहा कि सरकार अडानी और अंबानी के लिए किसानों से जमीनें छीनने के लिए तैयार हैं। जो काम पहले किया वही अब करना है। मजबूती से लगे रहिए। कहा कि भारतीय संविधान बचाने के अब 90 दिन बचे हैं। सरकार ने अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। जो सरकार एमएसपी की गारंटी नहीं देगी वो दोबारा नहीं आएगी।

उद्योगपतियों को बढ़ावा दे रही सरकार

दिल्ली से आए हरीश हूण ने कहा कि पूरा देश भुखमरी की कगार पर खड़ा है। यह सरकार उद्योगपतियों को ही बढ़ावा देने को बनी है। किसानों का उनका हक दिलाना है तो साथ आना होगा। पूरी मजबूती के साथ आना होगा। यह महापंचायत किसानों को जोड़ने और आगे के आंदोलन की तैयारी के लिए है। यह देश किसानों से चलता है, लेकिन सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है।

किसानों को भूलकर अमीरों का भला कर रही सरकार

हरियाणा से आए प्रदीप हुड्डा ने कहा कि सरकार किसानों को भूलकर अपने उद्योगपति साथियों के भले में लगी हुई है। कोरोना जैसी भयावह बीमारी के दौर में भी लोगों को रोटी किसानों ने ही दी थी, अडानी और अंबानी ने नहीं दी। संभल में गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। यह गंगा एक्सप्रेस वे किसानों की जमीनों को अलग-अलग करने के लिए बन रहा है।

यह रहे प्रमुख रूप से मौजूद

मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, चौधरी संजीव गांधी, वीरेश यादव, आशिक रजा, जयवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, मोहम्मद सुलेमान, वारिस, दिलशाद, अनीस अहमद, चौधरी ऋषभ सिंह, सतीश यादव, जाकिर हुसैन, महाराज सिंह, नवाब सिंह, रामकिशोर, अमरनाथ आदि समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह रहीं प्रमुख मांगें

  • छुट्टा पशुओं से छुटकारा
  • बिजली संशोधन बिल 2022
  • गन्ना मूल्य घोषणा
  • एमएसपी
  • सर्किल रेट बढ़ाने की मांग
  • मध्य गंगा नहर में हुए बैनामे में खामियां
  • गंगा एक्सप्रेस-वे के अंडरपास बनाने की मांग

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