Sarva Pitru Amavasya 2022: अपने वंशजों पर कृपा करने और उनकी श्रद्धा पाने धरती पर आते हैं पितर

[ad_1]

Sarva Pitru Amavasya 2022: पौराणिक कथा के अनुसार, जब दिव्य ज्ञान-संपन्न देवता ब्रह्माजी के मन के विपरीत आचरण करने लगे तो उन्हें ज्ञानशून्य होने का शाप दे दिया. बाद में उनके अनुनय-विनय पर उन्होंने कहा कि तुम लोग जाकर अपने पुत्रों से शिक्षा ले प्रायश्चित्त करो. वे देवपुत्र ऋषियों के पास गये. उन्होंने पुत्र कह कर देवताओं को संबोधित किया, तो वे सब सोच में पड़ गये कि ये हमारे पुत्र हैं और हमें ही पुत्र कह रहे हैं. जब वे ब्रह्माजी के पास गये, तो अपना संशय भी रखा. विधाता ने बताया कि आप सब उनके जन्मदाता पिता हैं, जबकि वे आपलोगों के ज्ञानदाता पिता हैं. अज्ञानी व विद्यार्थी ज्ञानी व गुरु का पुत्र ही होता है, इसलिए आप सब परस्पर एक-दूसरे के पितर हैं.

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *