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नृत्य करती शिव प्रतिमा
– फोटो : अमर उजाला
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महोबा जिले में गोरखगिरि पहाड़ के नीचे स्थापित तांडव नृत्य करती शिव प्रतिमा उत्तर भारत में अपने किस्म की अनोखी प्रतिमा है। मान्यता है कि शिव प्रतिमा के दर्शन कर माथा टेकने से भक्तों की झोली भरती है। यहां महाशिवरात्रि व सावन के सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ जुटती है।
शिव प्रतिमा का निर्माण दसवीं से 11वीं शताब्दी के बीच चंदेल शासक ने कराया था। ग्रेनाइट शिला पर 15 फीट ऊंची दसभुजी तांडव नृत्य करती शिव प्रतिमा सहज ही भक्तों को आकर्षित करती है। इतिहासकार डाॅ. एलसी अनुरागी बताते हैं कि इसका वर्णन कर्मपुराण में भी मिलता है। ऐसी ही प्रतिमा दक्षिण के ऐलोरो, हेलबिका और दारापुरम में भी है। यहां जिले के अलावा दूसरे जनपदों से भी लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। दर्शन को लेकर शिव तांडव मंदिर में काम कराया जा रहा है। आकर्षक लाइटिंग व बड़ी मरकरी लगाए जाने से रात में मंदिर दूधिया रोशनी से जगमग रहता है।
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