Sawan Special: ऐसा शिवलिंग जो देता है बारिश के संकेत, शक्ति के आगे हार गए थे अंग्रेज, अद्भुत है कहानी

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Sawan Special: Such a Shivling that gives signs of rain, the British were defeated in front of Shakti

Kaleshwar Mahadev Temple, Chandauli
– फोटो : अमर उजाला

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सकलडीहा के बरठी गांव में स्थित कालेश्वर महादेव का स्वयंभू शिवलिंग बारिश का पहले ही संकेत दे देता है। इसमें बारिश से पूर्व काई जम जाती है, जो बार-बार साफ करने के बाद भी रहती है। इसे बारिश का संकेत माना जाता है। 1928 में मंदिर परिसर को तोड़कर प्लेटफार्म बनाने आए अंग्रेज अधिकारी की मृत्यु हो गई। जिसके बाद हार मानकर अंग्रेजों ने काम रूकवा दिया। मंदिर के पास अंग्रेज अधिकारी की मौत का शिलापट्ट इसका गवाह है। वहीं पुरारी राजेश पंडा ने बताया कि शिवलिंग के दर्शन से अकाल मृत्यु नहीं होती।वहीं पूरा करघा भर देने के बाद भी शिवलिंग नहीं डूबता। मान्यता है कि शिवलिंग हर क्षण कुछ-कुछ बढ़ता है।

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सकलडीहा-बरठी स्थित बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट से सम्बद्ध भारत के चंद शिवालयों में से एक है। इसकी महत्ता इसलिए भी बढ़ जाती है। क्योंकि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है। मंदिर के पुजारी राजेश पंडा ने इसके इतिहास के बारे में बताया कि वर्ष 1800 के करीब राजस्थान के अलवर जिले से राजपूताना काफिला सकलडीहा कोट में ठहरा था। बनारस स्टेट के बाबू बख्त सिंह सेनापति हुआ करते थे। उन्होंने एक दिन स्वप्न में स्वयंभू कालेश्वर महादेव का दर्शन होने के बाद चतुर्भुजपुर बरठी गांव के समीप मंदिर का खोदाई कराया। जमीन के अंदर से भगवान स्वंयभू भोलेनाथ की अवतरित शिवलिंग दिखाई पड़े। इसके बाद सेनापति बाबू बख्त सिंह ने मंदिर का निर्माण कराया। जिसके बाद बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटने लगी।

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