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माता की भक्ति में डूबे श्रद्धालु
– फोटो : अमर उजाला
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शारदीय नवरात्र की शनिवार को सप्तमी तिथि है। आज बेलतोड़ी के अवसर पर कलश शोभा यात्रा के कुवांरी कन्याओं के पूजा समिति ने विधि विधान से पूजा के बाद माता के पट खोल दिए हैं। इस वर्ष दरभंगा शहर में कई मनोरम झांकियों को दिखाते हुए बड़े-बड़े पंडाल बनाए गए हैं। अललपट्टी चौक में माता वैष्णो देवी के दरबार की आकृति देकर पंडाल का निर्माण किया गया है। वहीं, दोनार चौक पर जल संरक्षण को लेकर प्रस्तुति देते हुए भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। दरभंगा जंक्शन के नजदीक पंचवटी चौक के पास दरभंगा स्टेशन के बनने वाले वर्ल्ड क्लास भवन को दर्शाते हुए पंडाल का निर्माण कराया गया है। जबकि कादिराबाद में उज्जैन के महाकाल मंदिर का स्वरूप देते हुए भव्य पंडाल बनाया गया है।
बंगाली टोला में वीणापाणी क्लब में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष मां दुर्गा का पट खोल दिया गया। यहां माता का पट खुलते ही माता को भोग लगने वाले प्रसाद खिचड़ी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके साथ ही मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले में अन्य जगहों पर आज बेलतोड़ी की रस्म के बाद मां का पट खोल दिया गया है। लेकिन वीणापाणि क्लब में षष्ठी तिथि को ही पट खोलने की परंपरा है। वीणापाणि क्लब में वर्ष 1918 से ही हर साल यहां शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
पूजा कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर पालित और सचिव ननी गोपाल राय ने कहा कि यहां हर साल बंगाली पद्धति से पूजा की जाती है। प्रतिमा का निर्माण भी बंगाल के ही कलाकार करते हैं। स्थानीय बंगाली टोला के दिनेश राय (60) ने कहा कि हम लोग बचपन से ही यहां इस प्रथा को देखते आ रहे हैं। पूरे जिले में इस स्थान का विशेष महत्व है। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। माता का पट खुलते ही महिलाएं पूजा पंडालों में खोइंछा भरने के लिए उमड़ पड़ी है। आज रात को महा अष्टमी की पूजा की जाएगी। चारों तरफ भक्तिमय वातावरण में माता के भजन गुंजायमान हो रहे हैं।
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