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आईजीएमसी शिमला में 1973 बैच के डॉक्टर।
– फोटो : संवाद
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में 50 सालों में काफी बदलाव आया है। यह बात 1973 बैच के डॉक्टरों ने शनिवार दोपहर को गोल्डन जुबली पर आयोजित मिलन समारोह में कही। डॉक्टरों ने कहा कि आज मरीजों के उपचार के लिए अलग सुविधा उपलब्ध है। मरीजों के लिए अलग से ओपीडी है, वहीं ऑडिटोरियम भी काफी बड़ा और अच्छा है।
1973 बैच के डॉक्टर राजीव सीम ने बताया कि पुराने साथियों के साथ मिलकर काफी अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों में पढ़ाई के बाद दोस्तों संग रिज मैदान और लक्कड़ बाजार घूमने की यादें ताजा हो गईं। डॉ. सीम ने बताया कि सभी डॉक्टरों ने ओपीडी ब्लॉक, ऑडिटोरियम का दौरा किया।
1973 बैच के डॉक्टरों ने अपने शिक्षकों के लिए शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान डॉ. डीएस पुरी, डॉ. पाल, डॉ. आरसी शर्मा और डॉ. सुमन राव को शॉल तथा टोपी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. राजीव सीम, डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, डॉ. अनिल चौहान और डॉ. जसवाल समेत अन्य साथी मौजूद रहे। मिलन समारोह के दौरान 11 दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
पदमश्री डॉ. जगतराम भी पहुंचे समारोह में
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित एवं पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जगतराम भी 1973 बैच के मिलन समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उपलब्धियों को लेकर वीडियो भी दिखाई।
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