[ad_1]

निर्माणधीन ढली टनल और रिज मैदान
– फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
विस्तार
राजधानी में धंसते रिज और ढली टनल समेत स्मार्ट सिटी के 15 से ज्यादा प्रोजेक्टों की लागत बढ़ गई है। ठेकेदारों ने इनका काम पूरा करने के लिए स्मार्ट सिटी प्रबंधन से करोड़ों रुपया और जारी करने की मांग कर दी है। अकेले रिज प्रोजेक्ट की लागत ही 33 करोड़ रुपये बढ़ने का दावा किया है। ढली डबललेन टनल का निर्माण कर रही कंपनी ने भी 16 करोड़ रुपये और देने को कहा है। अचानक इतने पैसों की मांग देखकर स्मार्ट सिटी के अफसर भी हैरान हैं। प्रदेश सचिवालय में बुधवार को मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी के निदेशक मंडल की बैठक में इन प्रस्तावों को चर्चा के लिए रखा गया।
बैठक में निर्देश दिए कि यह पैसा तभी जारी होगा जब इन प्रोजेक्टों को करवा रहे सरकारी महकमे इनकी पूरी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट में बताना होगा कि आखिर क्यों काम की लागत बढ़ी है। कितना पैसा और चाहिए। ढली और संजौली के बीच बन रही डबल लेन टनल का टेंडर करीब 39 करोड़ रुपये में अवार्ड किया था। अब 16 करोड़ और मांगे जा रहे हैं। दावा किया है कि निर्माण कार्य के दौरान कई अतिरिक्त काम करने पड़े हैं जिनसे लागत बढ़ी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि काम करवा रहे सरकारी महकमों को लागत बढ़ने से जुड़ी पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। इसके बाद ही इन्हें पैसा जारी होगा।
रिज बचाने के लिए लगेगा दोगुना पैसा
धंस रहे रिज को बचाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन से करीब 35 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। लोक निर्माण विभाग इसका काम करवा रहा है। विभाग के अनुसार इसका काम करीब 27 करोड़ रुपये में एक कंपनी को अवार्ड किया है। लेकिन कंपनी ने अब 33 करोड़ रुपये और देने की मांग की है। दावा किया कि आईआईटी रुड़की के डिजाइन के अनुसार स्ट्रक्चर की नींव तैयार करने के लिए पक्की सतह काफी गहराई मिल रही है। खुदाई बढ़ने से लागत बढ़ गई है।
पार्किंग और सड़क के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
शहर में बस स्टैंड में बहुमंजिला पार्किंग का काम शुरू न होने पर लोक निर्माण विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यहां करीब 250 गाड़ियों के लिए पार्किंग बननी है, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं किया है। ऑकलैंड टनल, विकासनगर पार्किंग, न्यू शिमला सड़क के काम में भी तेजी लाने को कहा है। बैठक में ढली की डबललेन टनल के निर्माण को लेकर प्रोग्रेस रिपोर्ट भी पेश की गई। विधानसभा फ्लाईओवर को लेकर भी चर्चा हुई। एचपीआरआईडीसी ने कहा कि रेलवे की मंजूरी के बाद ही इसका काम शुरू हो पाएगा। मंजूरी के लिए सभी जरूरी दस्तावेज रेलवे की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं।
[ad_2]
Source link