Shimla: शहर में जल्द कटेंगे खतरनाक पेड़, आज शुरू होगा निरीक्षण

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सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : अमर उजाला

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शिमला शहरवासियों को खतरनाक पेड़ों से जल्द राहत मिल सकती है। नगर निगम प्रशासक एवं उपायुक्त आदित्य नेगी की अगुवाई वाली ट्री अथॉरिटी कमेटी शनिवार से शहर में खतरनाक पेड़ों को चिह्नत करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। नगर निगम के इतिहास में यह पहला मौका है जब महापौर की जगह प्रशासक ट्री कमेटी की अगुवाई करेगा। खास बात यह है कि इस बार कमेटी में जनता का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। कमेटी में उपायुक्त के अलावा नगर निगम आयुक्त, डीएफओ शिमला और उद्यान विभाग के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी का यह पहला निरीक्षण आईजीएमसी अस्पताल से शुरू होगा। इसके बाद भराड़ी, कैथू और कुफ्टाधार में भी खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण किया जाएगा। इन इलाकों से आए आवेदनों की मौके पर जाकर जांच होगी। इसमं जो पेड़ रिहायशी भवनों के लिए खतरनाक पाए जाएंगे उनकी सूची तैयार की जाएगी। यह सूची सब कमेटी की मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। 

   शहर में अब तक नगर निगम महापौर की अगुवाई वाली ट्री अथॉरिटी कमेटी खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण करती रही है। इस कमेटी में एक पार्षद भी सदस्य होते हैं लेकिन अब महापौर और पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। सरकार ने उपायुक्त शिमला को नगर निगम का प्रशासक लगाया है। ऐसे में पहली बार प्रशासक की अगुवाई में खतरनाक पेड़ चिन्हित किए जाएंगे। डीएफओ शिमला अनीता भारद्वाज ने बताया कि कमेटी शनिवार से शहर में खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण शुरू कर देगी। 

शहर में 175 से ज्यादा खतरनाक पेड़
शहर में 175 से ज्यादा खतरनाक पेड़ों के आवेदन वन विभाग के पास पहुंचे हैं। अब मौके पर जाकर देखा जाएगा कि इनमें से कितने पेड़ ऐसे हैं जो कभी भी ढह सकते हैं। इसमें जो पेड़ खतरनाक होंगे उन्हें बर्फबारी से पहले कटवाने की मंजूरी मिल सकती है। शहर में जनवरी और फरवरी में होने वाली बर्फबारी से हर साल दर्जनों पेड़ गिरते हैं। इससे जान और माल को काफी नुकसान होता है। ऐसे में जिन लोगों के घरों पर पेड़ खतरा बने हैं, वह लोग इन्हें कटवाने के लिए नगर निगम से लेकर वन विभाग तक के चक्कर काट रहे हैं। अब कमेटी के निरीक्षण के बाद इन्हें जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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शिमला शहरवासियों को खतरनाक पेड़ों से जल्द राहत मिल सकती है। नगर निगम प्रशासक एवं उपायुक्त आदित्य नेगी की अगुवाई वाली ट्री अथॉरिटी कमेटी शनिवार से शहर में खतरनाक पेड़ों को चिह्नत करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। नगर निगम के इतिहास में यह पहला मौका है जब महापौर की जगह प्रशासक ट्री कमेटी की अगुवाई करेगा। खास बात यह है कि इस बार कमेटी में जनता का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। कमेटी में उपायुक्त के अलावा नगर निगम आयुक्त, डीएफओ शिमला और उद्यान विभाग के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी का यह पहला निरीक्षण आईजीएमसी अस्पताल से शुरू होगा। इसके बाद भराड़ी, कैथू और कुफ्टाधार में भी खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण किया जाएगा। इन इलाकों से आए आवेदनों की मौके पर जाकर जांच होगी। इसमं जो पेड़ रिहायशी भवनों के लिए खतरनाक पाए जाएंगे उनकी सूची तैयार की जाएगी। यह सूची सब कमेटी की मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। 

   शहर में अब तक नगर निगम महापौर की अगुवाई वाली ट्री अथॉरिटी कमेटी खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण करती रही है। इस कमेटी में एक पार्षद भी सदस्य होते हैं लेकिन अब महापौर और पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। सरकार ने उपायुक्त शिमला को नगर निगम का प्रशासक लगाया है। ऐसे में पहली बार प्रशासक की अगुवाई में खतरनाक पेड़ चिन्हित किए जाएंगे। डीएफओ शिमला अनीता भारद्वाज ने बताया कि कमेटी शनिवार से शहर में खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण शुरू कर देगी। 

शहर में 175 से ज्यादा खतरनाक पेड़

शहर में 175 से ज्यादा खतरनाक पेड़ों के आवेदन वन विभाग के पास पहुंचे हैं। अब मौके पर जाकर देखा जाएगा कि इनमें से कितने पेड़ ऐसे हैं जो कभी भी ढह सकते हैं। इसमें जो पेड़ खतरनाक होंगे उन्हें बर्फबारी से पहले कटवाने की मंजूरी मिल सकती है। शहर में जनवरी और फरवरी में होने वाली बर्फबारी से हर साल दर्जनों पेड़ गिरते हैं। इससे जान और माल को काफी नुकसान होता है। ऐसे में जिन लोगों के घरों पर पेड़ खतरा बने हैं, वह लोग इन्हें कटवाने के लिए नगर निगम से लेकर वन विभाग तक के चक्कर काट रहे हैं। अब कमेटी के निरीक्षण के बाद इन्हें जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।



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