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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बजट में उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विशेष मजबूती देने का प्रयास किया है। राज्य में इस पर पिछले कई वर्षों में ध्यान ही नहीं दिया गया है। यह चिंता का विषय है कि लोग कृषि से विमुख हो रहे हैं। सरकार ने आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने का संकल्प लिया है। यह एक साल का बजट नहीं है। इसमें कई सालों के लिए आत्मनिर्भर हिमाचल की परिकल्पना है। सुक्खू ने शनिवार को बजट भाषण के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है कि राज्य में एक वर्ग संपन्न हो और दूसरे वर्ग की पूछ न हो।
सभी वर्गों को छूने का प्रयास किया है। पूरे देश में किसान सड़कों पर हैं। किसानों के लिए बजट में अनेक प्रावधान किए गए हैं। प्रकृति और जलवायु को भी समझकर निर्णय लिए गए हैं। सरकार का मकसद समाज के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने करों में 23 फीसदी राजस्व प्राप्तियां बढ़ा ली हैं। सरकार आमदनी के अपने स्रोत बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछली बार सरकारों ने हिम्मत नहीं दिखाई।
सरकार को केंद्र से मिलने हैं 22,406 करोड़, विपक्ष मदद करे : सुक्खू
सीएम सुक्खू ने कहा कि केंद्र को आपदा से नुकसान की भरपाई के लिए 9,906 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। केंद्र के पास एनपीएस से ओपीएस में गए कर्मचारियों के 8,000 करोड़ रुपये पड़े हैं। बीबीएमबी की विभिन्न परियोजनाओं में हिस्सेदारी के प्रदेश सरकार को 4,500 करोड़ रुपये मिलने हैं। कुल मिलाकर प्रदेश सरकार को 22,406 करोड़ रुपये मिलने हैं। उन्होंने विपक्ष से इस धन को केंद्र से लाने में मदद करने को कहा।
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