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सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ का प्रदर्शन।
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मंगलवार को भीतर कैबिनेट की बैठक चलती रही जबकि, बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन चलता रहा। सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ ने अन्य विभागों, बोर्डों और निगम से सेकेंडमेंट आधार लाने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। सचिवालय के प्रांगण में कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को पहले की तरह ही रखे जाने की मांग की।
हिमाचल सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष भूपेंद्र बॉबी ने कहा कि इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात की थी। सीएम ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया था कि इसे लागू नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, भर्ती एवं प्रोन्नति नियमों में संशोधन संबंधी फाइल आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने राजनीतिक लोगों को सचिवालय में बैक डोर एंट्री देने की कोशिश की तो कर्मचारी पेन ड्राइव स्ट्राइक कर आंदोलन को तेज करेंगे। उन्होंने लिपिक कर्मचारियों के आरएंडपी रूल में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए।
सचिवालय में जो लिपिक आते हैं, वे ग्रेजुएशन बेस पर आते है। उधर, विभिन्न विभागों, बोर्ड व निगमों में जो लिपिक आते है, वह जमा दो के आधार पर आते है। भूपेंद्र बॉबी ने कहा कि कि सचिवालय कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों का मामला लगातार उठाया जा रहा है लेकिन इसी दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे है। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चानन मेहता, महासचिव महेश कुमार और उप प्रधान राजेंद्र मियां ने भी इस दौरान कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि सचिवालय में विभिन्न श्रेणियों के वेतन विसंगतियों को दूर कर कर्मचारियों का राहत प्रदान की जाए।
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